दून के लिए 47 वार्डों के लिए राहत की खबर है। इकोन-वाटरग्रेस के कर्मचारियों ने हड़ताल वापस लेकर काम शुरू कर दिया है। मामले में निगम के अधिकारियों ने समझौता कराया। इस दौरान नगर निगम ने कंपनी के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा यदि दोबारा इस तरह की स्थिति हुई तो नगर निगम की ओर से एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। ड्राइवर-हेल्परों ने डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रिकरण काम शुरू कर दिया।
दिवाली का समय है, इस समय अधिक कूड़ा होने की वजह से कूड़ा एकत्रिकरण करने वाले वाहनों को चक्कर बढ़ाने पड़ते हैं, लेकिन इकोन-वाटरग्रेस कंपनी की ओर से ड्राइवर हेल्परों की तनख्वाह डालने में देरी कर दी। इसकी वजह से कर्मचारियों ने हड़ताल शुरू कर दी थी। दून के 47 वार्डों के करीब 50 हजार घरों से शुक्रवार को कूड़ा नहीं उठ पाया था।
नगर निगम के अधिकारियों ने इस मामले में इकोन-वाटरग्रेस के अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए थे। इसके बाद इकाेन-वाटरग्रेस के अधिकारियों ने मामले में हड़ताल कर रहे कर्मचारियों से बात की, लेकिन बात नहीं बनी।
शनिवार को इस मामले में उप नगर आयुक्त गोपाल राम बिनवाल ने ड्राइवर-हेल्परों ओर कंपनी के अधिकारियों के बीच मध्यस्थता कराई। इस दौरान उप नगर आयुक्त ने कंपनी के अधिकारियों को सख्त लहजे में हर हाल में ड्राइवर-हेल्परों की समस्या का समाधान करने की बात कही। इसके बाद ड्राइवर-हेल्परों और कंपनी के अधिकारियों के बीच सहमति बन गई। इसके बाद कूड़ा उठान शुरू हो गया।
दिवाली पर बोनस का चक्कर, हिसाब लगाने के चक्कर में लेट हुई तनख्वाह
इकोन-वाटरग्रेस के सीईओ विशांत चौधरी का कहना है कि कर्मचारियों को दिवाली का बोनस देना था। इसी के चलते हिसाब-किताब में देरी हो गई और करीब 70-80 लोगों की तनख्वाह में देरी हो गई। जिसको लेकर कर्मचारियों में नाराजगी थी। मामले में पटाक्षेप हो गया है। हालांकि रात से ही कूड़ा उठान किया जा रहा है।
Iरात में 20 गाड़िया लगाने के निर्देश
I
एक दिन कूड़ा उठान नहीं होने की वजह बाजारों में भी कूड़े के ढेर लग गए। जिसको देखते हुए नगर निगम ने कंपनी को अलग व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए है। उन्होंने कहा कि एक तो दिवाली पर ज्यादा कूड़े का एकत्रिकरण होता है। निर्देश दिए कि अभी तक 10 गाड़ियों से कूड़े का उठान रात में वाणिज्यिक प्रतिष्ठानों से होता है। इन सभी जगहों पर 20 गाड़ियां लगाई जाएं, ताकि सारे कूड़े का उठान हो सके। इनके अलावा यदि कर्मचारियों की तनख्वाह नहीं डाली गई तो कंपनी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई जाएगी। यह भी चेतावनी दी गई।