पशुपालन विभाग के निदेशक ने सोमवार को राजकीय पशु अस्पताल एवं शल्य चिकित्सा केंद्र विकासनगर का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान अस्पताल परिसर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां मिलीं। पशुओं की एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जांच नहीं हो रही थी। वैक्सीन रखने के लिए लगाए गए फ्रीज का प्रयोग नहीं हो रहा था। कुत्तों के उपचार के लिए दवाएं नहीं थीं। निदेशक ने अस्पताल के प्रभारी चिकित्साधिकारी को व्यवस्था में सुधार के निर्देश दिए। वहीं, कर्मचारियों की कमी को 15 दिन में दूर करने आश्वासन दिया।
पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. नीरज सिंघल अस्पताल रोड स्थित राजकीय पशु अस्पताल एवं शल्य चिकित्सा केंद्र पहुंचे। उन्होंने अस्पताल परिसर में बड़ी-बड़ी झाड़ियां देख कड़ी नाराजगी जताई। प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. एसके गुप्ता से कहा कि अगर बार झाड़ियां उग रही हैं तो कुशल श्रमिक से खर-पतवार नाशक केमिकल का छिड़काव करवाएं। उसके बाद निदेशक ने एक्सरे कक्ष और मशीन, अल्ट्रासाउंड कक्ष और ओटी को देखा। इस दौरान रेडियोलॉजिस्ट न होने की बात सामने आई। निदेशक ने कहा कि एक्सरे और अल्ट्रासाउंड जांच चिकित्सक भी कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए चिकित्सक को प्रशिक्षण भी मुहैया करवाने की सुविधा है। इस दौरान वैक्सीन रखने के लिए रखा गया एक डीप फ्रीज बंद मिला। उसके ऊपर से पॉलीथिन भी नहीं हटाई गई थी। निदेशक ने फ्रीज के प्रयोग के निर्देश दिए। कुत्तों की दवाएं उपलब्ध न होने पर प्रभारी चिकित्साधिकारी से कहा कि उन्होंने सोसाइटी पंजीकृत करवाई है। बीडीओ की संस्तुति रिपोर्ट लंबित है। निदेशक ने कहा कि सोसाइटी पंजीकृत करवाकर वह दवाओं की खरीद कर सकते हैं। प्रभारी चिकित्साधिकारी ने बताया कि अस्पताल के फार्मासिस्ट भी सेवानिवृत हो गए हैं। निदेशक डॉ. नीरज सिंघल ने कर्मचारियों की कमी को 15 दिन में दूर करने का आश्वासन दिया। इस दौरान जीएमवीएन के पूर्व उपाध्यक्ष रघुनाथ सिंह नेगी उपस्थित रहे।