अप्रैल के बाद पहाड़ के स्कूल शिक्षकों से खाली हो जाएंगे। राज्य सरकार गेस्ट टीचरों की सेवाएं समाप्त करने जा रही है। प्रदेश में दूरदराज के स्कूलों में तैनात 5500 गेस्ट टीचरों की सेवाएं एक सप्ताह बाद समाप्त हो जाएंगी। विभाग ने इन टीचरों के साथ एक शिक्षा सत्र के लिए अनुबंध किया था, जो 31 मार्च 2017 को समाप्त होने जा रहा है।
प्रदेश के दुर्गम और अति दुर्गम स्कूलों में गेस्ट टीचरों की तैनाती की गई थी। इसमें शर्त यह थी कि 89 दिन की सेवा पूरी होने या नियमित नियुक्ति के टीचर मिलने, जो भी पहले हो तब तक गेस्ट टीचरों की सेवा जारी रहेगी। लेकिन अगस्त 2016 में इनका मानदेय 15 हजार रुपये निश्चित करने के साथ ही 89 दिन की सेवा को बढ़ाकर एक शिक्षा सत्र किया गया।
वहीं शिक्षक सेवा नियमावली में बदलाव कर सरकार ने इनके लिए अल्पकालिक शिक्षक सेवा नियमावली बना दी। जिसके मुताबिक इन्हें तीन साल की अस्थाई सेवा और इसके बाद नियमित नियुक्ति दी जानी थी, लेकिन अब तक इसके लिए इनसे न तो आवेदन मांगे गए हैं, न ही विभाग की ओर से नई विज्ञप्ति जारी की गई है।
जबकि इनका अनुबंध 31 मार्च 2017 को समाप्त हो रहा है। इससे प्रदेश भर के टीचरों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। हालांकि टीचरों के लिए कुछ राहत की बात यह है कि राज्यपाल ने अपने अभिभाषण में गेस्ट और संविदा शिक्षकों की सेवाओं की निरंतरता के लिए प्रयास का आश्वासन दिया है।
जब खुद सीएम बैठे धरने पर
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पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार में गेस्ट टीचरों के मामले में कई बार आंदोलन हुए। राष्ट्रपति शासन के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री हरीश रावत और शिक्षा मंत्री मंत्री प्रसाद नैथानी टीचरों के समर्थन में कनक चौक के पास धरने पर बैठे तो सरकार बहाल होने पर तत्कालीन सरकार ने इनके लिए टीचर सेवा नियमावली में संशोधन भी किया।
31 मार्च को हमारी सेवाएं समाप्त होने जा रही हैं, लेकिन संविदा नियुक्ति के लिए अब तक कोई कदम नहीं उठाया गया है। इससे एक अप्रैल से शुरू हो रहे नए शिक्षा सत्र में पढ़ाई प्रभावित होगी। वहीं, अपनी सेवाओं को लेकर टीचरों में भी असमंजस की स्थिति बनी है।
- दौलत जगूड़ी, प्रदेश मीडिया प्रभारी गेस्ट टीचर संघ
गेस्ट टीचरों का मामला हाईकोर्ट में विचाराधीन है। मामले में 10 अप्रैल को सुनवाई होनी है। पूर्ववर्ती सरकार ने नियमावली में संशोधन किया, पर इसे भी कोर्ट में चुनौती दी गई है। कोर्ट का जो भी फैसला होगा, उस पर अमल किया जाएगा।
- आरके कुंवर, शिक्षा निदेशक, माध्यमिक शिक्षा
गेस्ट टीचरों के मामले में कोई रास्ता निकाला जाएगा, इन्हें सेवा विस्तार देंगे। राज्यपाल ने भी अपने अभिभाषण में इनके भविष्य की चिंता जताई है।
- अरविंद पांडे, शिक्षा मंत्री