देहरादून। पुरानी टिहरी के स्थापना दिवस पर बंजारावाला के मोनाल एन्क्लेव में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान टिहरी के इतिहास पर चर्चा की गई। इस दौरान गढ़ हितैषी स्वयं सहायता समूह से जुड़ी महिलाओं को डोईवाला के विधायक बृज भूषण गैरोला ने सम्मानित किया।
उन्होंने कहा कि टिहरी शहर जो अब टिहरी बांध के कारण जल समाधि ले चुका है, उसका गौरवशाली इतिहास रहा है। टिहरी साहित्य संस्कृति और संघर्षों की भूमि भी रही है। उन्होंने ब्रिटिश गढ़वाल और टिहरी गढ़वाल के इतिहास के बारे में विस्तार से जानकारी दी। विधायक ने कहा कि टिहरी के लोगों का बलिदान हमेशा याद रखा जाएगा। यूपीसीएल के शिकायत निवारण प्रकोष्ठ के न्यायिक सदस्य त्रिभुवन सिंह ने कहा कि टिहरी भले ही बांध के कारण डूब गया हो लेकिन लोगों के दिलों से वे जगह कभी नहीं मिट सकती। इस अवसर पर कुशाल सिंह बिष्ट, इंद्रेश पांडे, रमेश कुरियाल, पूनम पांडे, मंजुला खंडूड़ी, कुसुम पंवार, जतिन गुप्ता, आयुष खंडूरी, सार्थक, संजना खंडूरी, शालिनी आदि उपस्थित रहे।
उधर, बल्लूपुर चौक स्थित पुरानी टिहरी की आकृति के सामने भी कार्यक्रम आयोजित हुआ। सामाजिक कार्यकर्ता अभिनव थापर व सुबोध बहुगुणा ने कहा कि टिहरी ऐतिहासिक संस्कृति, परंपरा और सभ्यता से राजशाही के समय से गढ़वाल क्षेत्र में अपनी अलग पहचान रखता था। टिहरी आज भले ही झील के पानी में समा गया हो। तस्वीरों और इतिहास के पन्नों में सिमट कर रह गया हो लेकिन उसी संस्कृति और परंपरा को संजोय रखने के लिए हम टिहरी का स्थापना दिवस मना रहे हैं। इस मौके पर अविरल, शशांक, सुकांत, शिवा, सुषमा, कांता आदि मौजूद रहे।