देश के पहले सीडीएस जनरल बिपिन रावत की दूसरी पुण्यतिथि पर देवभूमि विकास संस्थान की ओर से दून विश्वविद्यालय में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शनिवार को आयोजित कार्यक्रम में भाजपा राष्ट्रीय प्रवक्ता व राज्यसभा सदस्य डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, गुलामी की मानसिकता के हर प्रभाव से हमें खुद को मुक्त करना होगा। वक्ताओं ने जनरल बिपिन रावत के देश को दिए योगदान और उनकी वीरता को भी याद किया।
पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, भारत को 2047 तक विकसित राष्ट्र बनाना है। इसके साथ ही हमें अपनी संस्कृति पर गौरव करना है। कहा, आज भारत अर्थव्यवस्था की दौड़ में इंग्लैंड को पीछे कर पांचवें स्थान पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा, हमारी सेना के लिए हथियार से लेकर तमाम चीजों को हम खुद ही उत्पादन करने लगे हैं। जनरल रावत ने देश की रक्षा के लिए जो योगदान दिया उसे भूला नहीं जा सकता।
पूर्व सीएम त्रिवेंद्र रावत ने कहा, जनरल बिपिन रावत को देश हमेशा याद रखेगा। लेकिन सिर्फ व्याख्यानों या श्रद्धांजलि देने से कुछ नहीं होगा, उनके सिद्धांतों व उनके सपनों को जीवन में उतारना होगा। हमें प्रकृति से सिर्फ लेने नहीं देने की भी सोचें। दून विवि की कुलपति प्रो. सुरेखा डंगवाल ने कहा ,जनरल रावत ने हमेशा देश की रक्षा को सर्वोपरि समझा। उन्होंने कई अहम काम अपने जीवन में किए। इस दौरान विधायक बृजभूषण गैरोला, लोक सेवा आयोग अध्यक्ष मेजर जनरल (सेनि.) आनंद सिंह रावत, निवर्तमान मेयर सुनील उनियाल गामा, विजय सिंह, अल्पसंख्यक आयोग के अध्यक्ष डा. आरके जैन आदि मौजूद रहे।
Iशिविर में 111 लोगों ने किया रक्तदानI
वीरभूमि फाउंडेशन की ओर से आयोजित शिविर में 111 लोगों ने रक्तदान कर महादान का संदेश दिया। डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने कहा, आज विभिन्न बीमारियों में, दुर्घटनाओं के वक्त, गर्भवती महिलाओं की डिलीवरी के दौरान, खून की कमी से जूझ रहे थैलेसीमिया और हिमोफीलिया जैसे रोगों में बड़ी संख्या में रक्त की जरूरत होती है। ऐसे में स्वैच्छिक रक्तदान कर इन दिक्कतों से उभरा जा सकता है। वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र रावत ने कहा, यह एक बहुत ही सराहनीय कदम है। इस तरह के शिविर पूरे प्रदेश में लगाए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि रक्तदान कर हम किसी को नई जिंदगी दे सकते हैं।