I
I-वाहन में सवार लोग अंधेरा का फायदा उठाकर हुए फरारI
चकराता वन प्रभाग में संरक्षित प्रजाति की लकड़ी की तस्करी का सिलसिला थम नहीं रहा है। शनिवार देर रात वन विभाग की टीम ने रिखनाड रेंज के अंतर्गत सेरा नामक स्थान के समीप से देवदार की लकड़ी से लदी यूटिलिटी पकड़ी। वाहन सवार अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। टीम ने मौके से देवदार के 13 स्लीपर जब्त किए। वाहन को रेंज कार्यालय लाकर सीज कर दिया गया।
रिखनाड रेंज के रेंज अधिकारी विनोद चौहान को सूचना मिली थी कि क्षेत्र में देवदार के स्लीपर की अवैध तरीके से तस्करी हो रही है। रेंज अधिकारी ने टीम गठित कर लाखामंडल-नाडा मोटरमार्ग पर जांच शुरू की। रात करीब 11:30 बजे वनकर्मियों को सेरा नामक स्थान पर लाखामंडल की ओर से एक यूटिलिटी वाहन आता नजर आया। टीम ने संदेह के आधार पर वाहन चालक को रुकने का इशारा किया। इस पर चालक गाड़ी तेजी से भगाने लगा। कुछ किमी आगे जाने पर वाहन में सवार लोगों ने पकड़े जाने के डर से स्लीपर खड्ड में फेंकने शुरू कर दिए। टीम जबतक वहां पहुंचती चालक और अन्य लोग अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकले।
रेंज अधिकारी ने बताया कि बरामद लकड़ी और वाहन को रेंज कार्यालय लाकर सीज कर दिया है। वन अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। वाहन स्वामी का पता लगाया जा रहा है। इस बात की भी जांच की जा रही है कि लकड़ी कहां से लाई गई थी और कहां ले जाई जा रही थी। यह भी जांच का विषय है कि लकड़ी कहीं रिजर्व फॉरेस्ट से तो नहीं काटी गई। आसपास के क्षेत्र में कांबिंग भी कराई जा रही है।