फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dehradun News: घर-मकान, छानी, जंगल और पानी की टंकी से बरामद हो रहे स्लीपर

विज्ञापन
विज्ञापन

विज्ञापन



चकराता वन प्रभाग की कनासर रेंज में दूसरे दिन भी तलाशी अभियान जारी, 600 स्लीपर बरामद

लकड़ी तस्करों में खलबली, ग्रामीणों में भी दहशत का माहौल



कनासर रेंज में लकड़ी बरामदगी का सिलसिला लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा। वन विभाग की टीम ने बिनसोन क्षेत्र में दूसरे दिन 600 स्लीपर बरामद किए। वन विभाग की कार्रवाई से लकड़ी तस्करों में खलबली मच गई है। ग्रामीण भी दहशत में हैं।



चकराता वन प्रभाग की कनासर रेंज के संरक्षित वन क्षेत्र में व्यापक स्तर पर बेशकीमती लकड़ी के पेड़ों का अवैध कटान किए जाने की शिकायत पर जांच चल रही है। बुधवार को भी वन विभाग की टीम ने बिनसोन में तलाशी अभियान चलाया। इस दौरान गांव के घर-मकान, छानी, जंगल से छिपाकर रखे गए लकड़ी के स्लीपर मिलने का सिलसिला जारी रहा।
विज्ञापन


टीम ने देर शाम तक देवदार के 571 व कैल के 31 स्लीपर बरामद करने की पुष्टि की। सहायक वन संरक्षक मुकुल कुमार ने बताया कि तलाशी अभियान अभी जारी है। जिस प्रकार से स्लीपर मिलने का सिलसिला जारी है, उससे लगता है कि अभी बरामद की जाने वाली लकड़ी के आंकड़े और बढ़ सकते हैं।





पानी की टंकी में छिपाकर रखे गए थे स्लीपर



बिनसोन में चल रही कार्रवाई के दौरान एक पुरानी पानी की टंकी से भी लकड़ी के स्लीपर बरामद किए गए। जर्जर हो चुकी टंकी में छिपाए गए स्लीपरों की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने सारे स्लीपर अपने कब्जे में ले लिए।





वन तस्करों में खलबली

वन विभाग की कार्रवाई से वन तस्करों में खलबली की स्थिति है। अभी तक वन विभाग की टीम का सारा फोकस अवैध रूप से काटे गए पेड़ों की लकड़ी को बरामद करने पर है। दूसरा कदम कार्रवाई का होगा। वन तस्करों को इस बात का अनुमान है कि लकड़ी बरामद हो जाने के बाद उनके नाम भी खुलकर सामने आने हैं। उधर कार्रवाई के दौरान ग्रामीणों में भी दहशत का वातावरण बना हुआ है। कार्रवाई के समय में लोग अपने घरों में ताले लगाकर इधर-उधर चले जा रहे हैं। राजस्व विभाग के लोग बुला-बुलाकर उनके घरों की तलाशी करा रहे हैं।
विज्ञापन






माफी की लकड़ी भी नहीं छोड़ रहे वनकर्मी



सर्च आपरेशन चला रही वन विभाग की टीम को जहां भी लकड़ी के स्लीपर मिल रहे हैं, वह उसे बरामद कर रही है। हालांकि कार्रवाई से भयभीत ग्रामीण खुलकर विरोध तो नहीं कर रहे हैं लेकिन उनका कहना है कि हक हकूक के तहत मिलने वाली लकड़ी को भी वन विभाग अपने कब्जे में ले रहा है। सहायक वन संरक्षक मुकुल कुमार का कहना है कि अभी वन विभाग का सारा ध्यान लकड़ी की बरामदगी पर लगा हुआ है। बरामदगी का काम पूरा हो जाने के बाद माफी की व्यवस्था से संबंधित सभी जांच की जाएगी।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें