फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dehradun News: प्रॉपर्टी डीलर के हत्यारोपी सचिन को देर रात किया गया गिरफ्तार

विज्ञापन
विज्ञापन
I- कोर्ट में सरेंडर करने के लिए देहरादून आ रहा था सचिन, चेकिंग के दौरान पकड़ा
विज्ञापन

I

I
I

I- अर्जुन की तलाश में पुलिस दे रही दबिश, मंजेश को मारकर पैसे हथियाना चाह रहे थे दोनोंI



प्रॉपर्टी डीलर मंजेश के हत्यारोपी सचिन को पुलिस ने रविवार देर रात गिरफ्तार कर लिया। अभी दूसरे आरोपी अर्जुन की तलाश में दबिश दी जा रही है। अर्जुन को शक था कि मंजेश उसे मरवा सकता था। लिहाजा, उसने सचिन के साथ मिलकर उसके पैसे हथियाने की साजिश रची। दोनों ने मंजेश को अपने पास बुलाया और शराब पिलाई। नशे में दोनों ने जूते के फीते से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी।



एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि शनिवार सुबह पुलिस को चंद्रबनी के यमनोत्री विहार से एक मकान में व्यक्ति का शव पड़ा होने की सूचना मिली थी। पुलिस मौके पर पहुंची तो व्यक्ति की पहचान मंजेश कुमार निवासी माजरा खेड़ी, हरिद्वार के रूप में हुई। पता चला कि मंजेश यहां प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करता था। वह 2016 में विकासनगर में कैश वैन लूट मामले में जेल भी जा चुका था। वह अक्सर इस मकान पर आता जाता रहता था। यह मकान सचिन निवासी भगवानपुर, हरिद्वार ने किराये पर लिया था। उसके साथ एक अन्य युवक अर्जुन भी घटना की रात मौजूद था, लेकिन सुबह ही दोनों वहां से भाग निकले। ऐसे में मंजेश के भाई की शिकायत पर सचिन और अर्जुन के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया।
विज्ञापन




पुलिस टीमों को सहारनपुर और हरिद्वार की ओर रवाना किया गया। पता चला कि सचिन भगवानपुर गया था और वहां से फिर देहरादून के लिए निकला है। वह कोर्ट में सरेंडर करना चाह रहा है। ऐसे में उसे रविवार देर रात आशारोड़ी से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसने बताया कि वह यहां पर रेपिडो में काम करता है। वह हत्या के मामले में जेल गया था। जेल में उसने अपने साथियों के माध्यम से अर्जुन से जान पहचान बढ़ाई। अर्जुन मलकीत सिंह हत्याकांड में जेल जा चुका है और पिछले साल ही जमानत पर बाहर आया था। अर्जुन ने उसे बताया था कि वह मंजेश के साथ देहरादून में प्रॉपर्टी का काम कर रहा है। मंजेश ही उसका खर्च उठा रहा है, लेकिन कुछ दिनों से ठीक नहीं चल रहा। उसे लग रहा है कि वह उसे अलग कर उसकी हत्या करा देगा।







Iबैंक खाते में जमा रकम को हथियाना चाहते थे आरोपीI



अर्जुन ने सचिन से कहा कि इससे पहले कि मंजेश कुछ करे उसे ही रास्ते से हटा देते हैं। मंजेश के खाते में 38 लाख रुपये हैं। लिहाजा, दोनों ने इस रकम को हड़पने के लिए मंजेश की हत्या की योजना बनाई। अर्जुन लगातार तीन-चार दिनों से सचिन के कमरे पर आ रहा था। उन्होंने वारदात के लिए शुक्रवार रात का समय चुना। उन्होंने मंजेश को भी देहरादून बुलाया। मंजेश यहां रात करीब साढ़े 10 बजे अपनी गाड़ी से पहुंचा। तीनों ने मिलकर शराब पी और फिर अर्जुन ने उसके पैर पकड़े और सचिन ने गला घोंट दिया। पास में पड़े जूते के फीते से उसकी गर्दन कसकर बांध दी। मुतमईन होने पर कि वह मर गया दोनों वहां से भागने की तैयारी करने लगे।
विज्ञापन








Iपुलिस को देखकर छत से कूदे मुल्जिम, घायल हुआ सचिनI



आरोपियों ने वहां पर अपने दोस्त शुभम को भी बुलाया था। शुभम रात करीब साढ़े 11 बजे वहां पहुंचा था। रातभर आरोपी उसी मकान में रहे। सुबह चालाकी से शुभम ने पुलिस को फोन कर सारी घटना बता दी। इसके बाद शनिवार सुबह करीब साढ़े आठ बजे पुलिस वहां पहुंची। उस वक्त दोनों आरोपी मकान की छत पर खड़े हुए थे। जैसे ही उन्होंने पुलिस की गाड़ी देखी तो सीधे छत से कूद गए। इसमें सचिन के पैर में चोट भी लगी। सचिन ने अपना इलाज भगवानपुर में कराया और फिर देहरादून के लिए निकल गया। सचिन के खिलाफ हत्या और अन्य अपराधों के चार मुकदमे दर्ज हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें