सामुदायिक शौचालयों के बनने से गांवों की तस्वीर बदलने लगी हैं। जिले के गांव अब पहले से कहीं अधिक साफ-स्वच्छ नजर आने लगे हैं। दून के गांव धीरे-धीरे क्लीन बनने की राह पर बढ़ रहे हैं। मौजूदा वित्त वर्ष में भी बड़ी धनराशि सामुदायिक शौचालयों के निर्माण पर खर्च की जाएगी।
स्वच्छ भारत ग्रामीण मिशन के तहत गांवों को संवारने का कार्य गतिमान है। स्वच्छता बढ़ने से गांवों की तस्वीर बदलने लगी हैं। विभागीय अधिकारियों ने जिले में 401 ग्राम पंचायतें के अंतर्गत 638 ग्रामसभाएं हैं। बीते सालों में ग्रामसभाओं में 111 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण किया जा चुका है। वहीं बीते वित्तीय वर्ष में भी 52 शौचालयों का निर्माण किया गया। जिससे दून में सामुदायिक शौचालयों की संख्या 163 हो गई है। मौजूदा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 20 सामुदायिक शौचालयों का निर्माण कार्य गतिमान है। अधिकारियों ने बताया कि एक शौचालय के निर्माण पर तीन लाख की धनराशि खर्च की जाएगी। जिसमें से 2.10 लाख रुपये स्वजल और 90 हजार रुपये का बजट पंचायतीराज की ओर से खर्च किया जाएगा। सामुदायिक शौचालयों के बढ़ने से साफ-सफाई के दायरे में लगातार इजाफा हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोग भी स्वच्छता के मायने समझने लगे हैं।
Iस्वजल परियोजना के निगरानी में हो रहा निर्माण कार्यI
ग्राम पंचायतों में बनने वाले सामुदायिक शौचालयों का निर्माण स्वजल परियोजना की निगरानी में किया जा हो रहा है। इस बार भी विभाग की ओर से 20 शौचालयों पर 40 लाख से अधिक का बजट खर्च किया जा रहा है। आगामी दिनों में अन्य ग्राम पंचायतों में भी शौचालय बनाने का कार्य होगा।
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Iग्रामीण क्षेत्रों में सामुदायिक शौचालयों के बनने से स्वच्छता का दायरा लगातार बढ़ रहा है। सरकार की ओर से इस पर बड़ी धनराशि खर्च की जा रही है। आने वाले दिनों में अन्य पंचायतों में भी शौचालय निर्माण कराए जाएंगे। - सुनील कुमार, डीडीओ, देहरादूनI