क्षेत्र के ग्राम तिपरपुर स्थित पंचायती मंदिर में आयोजित भोजन माता संगठन की बैठक में संगठन की प्रदेश अध्यक्ष ऊषा देवी ने सरकार के रवैये पर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि प्रदेश के विभिन्न शासकीय विद्यालयों में 32 हजार भोजन माताएं अपनी सेवाएं दे रही हैं। पिछले कई साल से मानदेय बढ़ाने की मांग की जा रही है, लेकिन सरकार ध्यान नहीं दे रही है।
उन्होंने कहा कि काफी समय पहले तत्कालीन शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय ने शिक्षा विभाग को पांच हजार रुपये महीने के मानदेय का प्रस्ताव बनाने को कहा था। बावजूद इसके कोई सुनवाई नहीं हो पाई। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि अब भोजन माताओं के सब्र का बांध टूटने लगा है। यदि सरकार ने शीघ्र मानदेय बढ़ाने की पहल नहीं की तो संगठन आंदोलन की रणनीति तैयार करेगा। बैठक में उमा देवी, पूनम, कमलेश, श्यामो, सुशीला, सुनीता, बिंदिया, रोशनी आदि उपस्थित रहे।