देहरादून। कालिका मार्ग स्थित भवन श्री कालिका माता समिति की ओर से आयोजित श्रीमद्भागवत कथा में कथावाचक ने कथा सुनने और सत्संग की महत्ता बताई। आचार्य उपेंद्रानंद सरस्वती महाराज ने कहा कि परमात्मा असीमित है और जीव सीमित है। परमात्मा जीव से करुणा रूप में मिलते हैं। उन्होंने कहा कि योग, यज्ञ और कृपा से ही सत्संग मिलना संभव है। भगवान की कृपा से भागवत श्रवण करने का अवसर मिलता है। कथाव्यास ने कहा कि सत्संग मिलना सौभाग्य की बात है। सत्संग से ही विवेक की उत्पत्ति होती है। कथा के बीच उन्होंने जरा वृंदावन चल कर देखो शाम बंसी बजाते मिलेंगे.. समेत सुंदर-सुंदर भजनों की प्रस्तुति दी गई। इस अवसर पर गगन सेठी, जय किशन कक्कर, अशोक लांबा, कमल गुप्ता आदि मौजूद रहे।