देहरादून। जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से राजाजी टाइगर रिजर्व बाघों को लाए जाने का मामला एक बार फिर अधर में लटक गया है। पहले कोरोना संकट और अब मानसून के चलते बाघों को जिम कार्बेट से टाइप राजाजी टाइगर रिजर्व लाई जाने पर रोक लगा दी गई है।
राजाजी टाइगर रिजर्व में बाघों की कम संख्या को देखते हुए जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से पांच बाघों को लाया जाना है। पहले चरण में दो बाघों को जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व से राजाजी टाइगर रिजर्व लाया जा चुका है। बाकी तीन बाघों को अप्रैल से पहले लाया जाना था, लेकिन कोरोना संकट होने से बाघों को लाने की प्रक्रिया रोक दी गई। फिलहाल अक्टूबर-नवंबर तक लटक गया है।
राजाजी टाइगर रिजर्व निदेशक डीके सिंह का कहना है कि मानसून में जिम कार्बेट टाइगर रिजर्व में बड़ी-बड़ी घास हो गई है। ऐसे में बाघों को ट्रेंकुलाइज किया जाता है तो वे बेहोशी की हालत में उन्हें घनी झाड़ियों में ढूंढना बेहद मुश्किल होगा। ऐसे में बाघों को लाने की प्रक्रिया पर अक्टूबर-नवंबर तक रोक दी गई है।