शहरी विकास को सुनियोजित करने के लिए राजधानी दून के लगभग साथ ही रुद्रपुर और काशीपुर का मास्टर प्लान सार्वजनिक किया गया था। लेकिन, स्थिति यह है कि रुद्रपुर और काशीपुर में मास्टर प्लान पर लगाई गईं आपत्तियों का निस्तारण किया जा चुका है। इसके उलट देहरादून (मसूरी शामिल) के प्लान में आईं आपत्तियों का निस्तारण शुरू ही नहीं हुआ।
दून के सिटी मास्टर प्लान पर आईं आपत्तियों के निस्तारण की जिम्मेदारी मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण पर है। निस्तारण पर कोई कार्रवाई शुरू न होने पर एमडीडीए ने सफाई दी है। एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा है कि इन्वेस्टर्स समिट के कारण इस कार्य में देरी हुई, समिट के बाद सुनवाई शुरू की जाएगी। गौरतलब हो कि देहरादून मसूरी विकास प्राधिकरण ने बीते अप्रैल में नया डिजिटल सिटी मास्टर प्लान जारी किया गया था। इस पर करीब 1200 लोगों ने अपनी आपत्तियां लगाई थीं।
Iसैटेलाइट मैपिंग के साथ धरातलीय सर्वेI
यह नया मास्टर प्लान वर्ष 2041 तक के लिए बनाया गया है। यह मास्टर प्लान सैटेलाइट की मदद से तैयार किया गया है। इसमें सैटेलाइट मैपिंग के साथ ही धरातलीय सर्वे के बाद नया मास्टर प्लान तैयार किया गया है।
मुख्य ग्राम एवं नगर नियोजक एसएम श्रीवास्तव के मुताबिक, नया मास्टर प्लान सैटेलाइट आधारित है और इसमें सैटेलाइट मैपिंग के साथ ही धरातलीय सर्वे कर सटीक जानकारी एकत्रित की गई है। आपत्तियों के निस्तारण के बाद एमडीडीए इसे लागू कर देगा।
Iहिंदी प्रारूप की मांग अब भी जारीI
एमडीडीए ने मास्टर प्लान को इंटरनेट पर जारी कर लोगों से सुझाव मांगे थे। पिछले कुछ दिनों से कई जानकार इस जटिल प्रारूप को हिंदी में अनुवाद कर दोबारा जारी करने की मांग कर रहे हैं। समाजसेवी सुशील त्यागी कहते हैं कि 311 पेज का यह मास्टर प्लान अंग्रेजी में है। इसे सिर्फ प्लानिंग क्षेत्र से जुड़े लोग ही समझ पा रहे हैं। एमडीडीए को आम नागरिकों के लिए हिंदी में नया प्रारूप जारी करना चाहिए ताकि लोग इस पर अपनी सही राय दे सकें।