सेलाकुई स्थित दवाई बनाने वाली औद्योगिक इकाई में हुए अग्निकांड ने हरबर्टपुर के एक परिवार के सपनो को चूर-चूर कर दिया है। इकलौते बेटे की मौत से बेटे को लेकर संजोए गए माता-पिता के सभी सपने अधूरे रह गए हैं। अंतिम संस्कार करके गमजदा बैठे माता-पिता को अभी भी यकीन नहीं हो रहा है कि उनका बेटा उनका साथ छोड़कर चला गया है।
हरबर्टपुर के आसनबाग स्थित मिट्ठूलाल के घर में मातम पसरा हुआ है। घर के ड्राइंग रूम के एक कोने में मृतक नितिन की माता हेमलता अपनी बेटी व अन्य नाते रिश्तेदारों के साथ बैठी थीं। दूसरे कोने में लगे एक गद्दे पर बैठे उसके पिता मिट्ठूलाल अपनी पत्नी, बेटी व रिश्तेदारों का ढांढस बंधाने का प्रयास कर रहे हैं। बीच-बीच में अचानक से उनकी आंखों से आंसू बहने लगते हैं।
उन्होंने बताया कि घटना में लगभग 95 प्रतिशत जल जाने के बाद उसकी स्थिति बेहद नाजुक थी। इस दौरान उसने तीन या चार बार बस इतना कहा कि पापा बहुत दर्द हो रहा है, इसके अलावा कोई दूसरा शब्द उसकी जुबान से नहीं निकला।
दो अस्पताल ले जाने के बाद भी बेटा जीवित वापस नहीं मिल सका। उन्होंने बताया कि अभी उसकी शादी भी नहीं हुई थी। नौकरी अच्छी थी, इसलिए घर में उसकी शादी की बातें भी होने लगी थीं। लेकिन शायद होनी को कुछ और ही मंजूर था।
Iसंभ्रांत परिवार का सदस्य था मृतकI
Iविकासनगर। मृतक नितिन कुमार हरबर्टपुर के संभ्रांत परिवार से संबंध रखता था। उसका परिवार सामाजिक व राजनीतिक रूप से काफी संपन्न माना जाता है। उसकी माता हेमलता लगातार 10 साल तक नगर पालिका के आसनबाग-रामबाग वार्ड से सभासद रह चुकी हैं। इसके अलावा उसके पिता हरबर्टपुर स्थित जल संस्थान में कर्मचारी हैं। परिजनों ने बताया कि नितिन ने इंटर के बाद आईटीआई की शिक्षा ग्रहण करके औद्योगिक इकाई में मेंटेनेंस ऑपरेटर के रूप नौकरी शुरू की थी। लगभग दो साल से वह औद्योगिक इकाई में काम कर रहा था। उधर अंतिम संस्कार में भारी संख्या में नगर के जनप्रतिनिधि, व्यापारी व क्षेत्रवासी शामिल हुए।I