सिद्धपीठ महासू देवता मंदिर हनोल में 13 और 14 सितंबर को आयोजित होने वाले ऐतिहासिक जागड़ा पर्व को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंगलवार को मंदिर परिसर में तहसीलदार सुशीला कोठियाल की अध्यक्षता में हुई संयुक्त बैठक में श्रद्धालुओं की सुविधाओं, सुरक्षा, पार्किंग और यातायात व्यवस्था को लेकर गहन मंथन हुआ। संबंधित विभागीय अधिकारियों को समय रहते सभी व्यवस्थाएं चाक-चौबंद करने के निर्देश दिए गए। जागड़ा पर्व में उत्तराखंड के जौनसार-बावर, जौनपुर, बंगाण क्षेत्र, फतेह पर्वत घाटी समेत हिमाचल प्रदेश के शिमला, जुब्बल, रोहड़ू व सिरमौर से बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शनों के लिए पहुंचते हैं। भारी भीड़ के मद्देनजर तहसीलदार ने लोनिवि चकराता और पीएमजीएसवाई कालसी के अधिकारियों को हनोल पहुंचने वाले सभी मार्गों से मलबा हटाने और सड़क किनारे झाड़ियों की कटाई समय पर पूरा करने को कहा है, ताकि पर्व के दौरान वाहनों की आवाजाही निर्बाध बनी रहे। बैठक में मंदिर समिति संरक्षक एवं वजीर शांठिबिल दीवान सिंह राणा, वजीर पाशीबिल जयपाल सिंह पंवार, समिति सदस्य राजाराम शर्मा, राजेंद्र नौटियाल समेत मौजूद रहे। संवाद