शहर में डेंगू के संक्रमण का ग्राफ ऊपर चढ़ता जा रहा है। लोग सफाई, फॉगिंग, कीटनाशक का छिड़काव, लार्वा की जांच आदि की कमी को डेंगू के संक्रमण के तेजी से फैलने का कारण बता रहे हैं। नगर पालिका शहर में लगातार फॉगिंग और कीटनाशक के छिड़काव का दावा भी कर रही है। पालिकाध्यक्ष शांति जुवांठा का कहना है कि डेंगू की रोकथाम के लिए लोगों का भी जागरूक होना बहुत जरूरी है। प्रस्तुत है बातचीत के प्रमुख अंश...
55 लोगों को डेंगू का डंक लगा है, पालिका ने अब अभियान शुरू किया है ?
ऐसा नहीं है, जब डेंगू का पहला मरीज मिला था तो विधायक और मैंने पालिका और स्वास्थ्य विभाग के साथ बैठक की थी। वार्डों में फॉगिंग और लार्वानाशक का छिड़काव भी तुरंत शुरू करवाया गया। डेंगू नियंत्रण के लिए एक टीम बनाई गई है। अभियान की दैनिक समीक्षा मैं स्वयं करती हूं। अब पालिका की टीम घरों और आसपास लार्वानाशक का छिड़काव और लोगों को जागरूक भी कर रही है।
स्वास्थ्य विभाग के साथ संयुक्त अभियान क्यों नहीं चलाया जा रहा है ?
स्वास्थ्य विभाग अपने स्तर पर अभियान चला रहा होगा। आशाएं घरों में लार्वा की जांच और उसको नष्ट करने का काम करती हैं। स्वास्थ्य विभाग के साथ बुधवार को संयुक्त अभियान भी तय किया गया था, लेकिन चिकित्सा अधीक्षक शायद छुट्टी पर हैं। पालिका अपने स्तर में डेंगू के लार्वा की जांच और जागरूकता अभियान शुरू कर दिया है।
लोग बढ़ते संक्रमण के लिए स्वास्थ्य विभाग और पालिका को जिम्मेदार बता रहे हैं?
आप शहर का मुआयना करें, सभी वार्डों में सफाई मिलेगी। सुबह घरों से समय पर कूड़ा उठ रहा है। वार्डों में झाड़ू भी लग रही हैं। शहर की सफाई पालिका की जिम्मेदारी हैं। डेंगू का लार्वा घरों के भीतर पनपता है। लोगों को घरों और आसपास सफाई रखनी चाहिए। डेंगू के संक्रमण को समाप्त करने के लिए सामूहिक प्रयास की जरूरत है।