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I- प्राचार्य बोले- शासन उन पर बेवजह बनाना चाह रहा है दबावI
प्रदेश के शासकीय और अशासकीय राजकीय महाविद्यालयों के प्राचार्यों से शासन की ओर से अचानक उनकी उपस्थिति की रिपोर्ट मांगी गई है। इतना ही नहीं आने वाले दिनों में भी इसी तरह कभी भी उपस्थिति की रिपोर्ट मांगी जा सकती है। इस संबंध में संयुक्त निदेशक प्रो. एएस उनियाल की ओर से सभी प्राचार्यों को पत्र भेजा गया है।
सोमवार सुबह करीब 11:30 बजे संयुक्त निदेशक की ओर से जारी पत्र में कहा गया कि सभी प्राचार्यों को अपनी बायोमीट्रिक उपस्थिति दोपहर एक बजे तक मेल आईडी पर उपलब्ध करानी अनिवार्य है। उधर, प्राचार्यों का कहना है कि शासन बेवजह उन पर दबाव बनाना चाह रहा है। डीएवी, डीबीएस और एमकेपी के एक शिक्षक व शिक्षिका ने कहा, प्राचार्य कई बार महाविद्यालय के कार्य से बाहर भी रहते हैं। रही बात उपस्थिति के डाटा की तो रिपोर्ट हर महीने शासन को जाती है। बावजूद इसके इस तरह के आदेश बेवजह परेशान करने जैसा है।