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Iसुद्धोवाला जेल में रणबीर सिंह की हो गई थी संदिग्ध परिस्थितियों में मौतI
सुद्धोवाला जिला कारागार में 25 जून को रणबीर सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले की उच्चस्तरीय जांच की मांग को लेकर विभिन्न सामाजिक संगठनों ने प्रदर्शन करते हुए एस्लेहाल से जुलूस के साथ सचिवालय के लिए कूच किया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को सचिवालय से पहले ही रोक लिया। संगठनों के पदाधिकारियों ने कहा कि रणबीर सिंह की मौत मामले की उच्चस्तरीय जांच कर परिवारजनों को मुआवजा दिया जाए।
सोमवार को सीपीएम, आयूपी, यूकेडी, सीटू, जनवादी महिला समिति आदि संगठनों की ओर से रणबीर सिंह की मौत के मामले को लेकर सचिवालय कूच किया गया। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एस्लेहाल पहुंचे और वहां पर प्रदर्शन कर सचिवालय के लिए जुलूस की शक्ल में कूच कर गए। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि टिहरी के घनसाली के रणबीर सिंह को कोतवाली ऋषिकेश की पुलिस ने फर्जी केस में 25 जून को सुद्धोवाला जिला कारागार में भेजा था। जहां उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।
संगठनों के पदाधिकारियों को सचिवालय पहुंचने से पहले पुलिस ने रोक लिया। संगठनों की ओर से सीएम के नाम सिटी मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह को ज्ञापन दिया। जिसमें रणबीर सिंह की मौत की जांच हाईकोर्ट के रिटायर्ड जज या सीबीआई से कराने की मांग की गई। परिजनों की सुरक्षा और मृतक की विधवा एवं बच्चों के भरण पोषण के लिए मुआवजा दिया जाए। मामले में दोषी लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इस दौरान आयूपी अध्यक्ष नवनीत गुंसाई, सीपीआईएम सचिव अनंत आकाश, यूकेडी से प्रेमिला रावत, लेखराज, सुरेंद्र सिंह सजवाण, अशोक वर्मा, राजेंद्र नेगी, राजेंद्र पुरोहित, नितिन मलेठा आदि के साथ बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।