लगातार हो रही भारी बारिश व टोंस नदी का जलस्तर बढ़ने से ग्रामीण क्षेत्रों में व्यापक स्तर पर नुकसान हुआ है। नदी की जद में आ रहे व्यापारिक प्रतिष्ठानों को खाली कराया गया है। जबकि ग्रामीण इलाकों में बारिश और मलबे से बाग-बगीचों से लेकर घर-मकानों को बड़े पैमाने पर नुकसान पहुंचा है।
रविवार की देर रात टोंस नदी में पानी का बहाव अत्यधिक बढ़ जाने के बाद त्यूणी बाजार में अफरा-तफरी का वातावरण पैदा हो गया था। पानी के बहाव से होने वाले नुकसान की आशंका को देखते हुए टोंस के किनारे पर बनी दुकानों व होटलों को रात के समय ही खाली करा लिया गया था। इसके पश्चात नदी में पानी की मात्रा कम होने से क्षेत्रवासियों ने राहत की सांस ली। लेकिन नदी का जलस्तर लगातार घटने और बढ़ने से क्षेत्र में अभी भी लोग डरे हुए हैं।
ग्राम भटाड़ निवासी सुरेश वर्मा के सेब का बगीचा भारी मलबा आने के कारण बर्बाद हो गया। इसके अलावा पास में ही प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहा उनका मकान भी मलबे की भेंट चढ़ गया। ग्राम अटाल में भूस्खलन होने से नीतू राम पुत्र शिवचंद, मनीष पुत्र आसाराम, भादू सिंह के मकानों की सुरक्षा दीवार क्षतिग्रस्त हो जाने से उनके मकान गिरने के कगार पर पहुंच गए हैं।
क्षेत्र की ग्राम पंचायत छजाड़-हरयाड़ के ग्राम हरंड में कुंवर सिंह, कीर्ति सिह, दिलीप सिंह, महेंद्र सिंह, गजेंद्र सिंह, दान सिंह, भरत सिंह, आनंद सिंह, महिपाल सिंह, मेजर सिंह, अजब सिंह, वीरेंद्र सिंह, मंगल सिंह आदि ग्रामीणों के सेब के बगीचे व छानियों को भारी बारिश के कारण नुकसान हुआ है।
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बयान...
त्यूणी बाजार से लेकर क्षेत्र के ग्रामीण इलाकों में हो रहे नुकसान पर प्रशासन नजर बनाए हुए है। आपदा में हुए नुकसान की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। फिलहाल प्रशासन की प्राथमिकता आपदा से नुकसान को बचाने की है। - ग्यारूदत्त जोशी, नायब तहसीलदार, त्यूणी