- कनासर रेंज के जंगल में पेड़ काटने का मामला
- वन अधिनियम के तहत शुरू हुई कार्रवाई
कनासर रेंज में व्यापक स्तर पर हुए बेशकीमती लकड़ी के अवैध पातन मामले में वन विभाग ने 15 नामजद व 13 अज्ञात लोगों के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत मुकदमा पंजीकृत किया है।
चकराता वन प्रभाग की कनासर रेंज के संरक्षित वन क्षेत्र से देवदार और कैल जैसी बहुमूल्य प्रजाति के पेड़ काटे जाने के मामले में वन विभाग ने बरामदगी के आधार पर 15 लोगों को मुख्य आरोपी बनाया है। इसके अलावा 13 अज्ञात लोगों को भी आरोपी बनाया गया है। आरोपियों के विरुद्ध भारतीय वन अधिनियम के तहत एचटू में मामला पंजीकृत किया गया है। सहायक वन संरक्षक मुकुल कुमार ने बताया कि आरोपियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई का विभाग प्रयास कर रहा है। उन्होंने बताया कि वन विभाग का प्रयास है कि तस्करों पर कड़ी कार्रवाई हो सके। बतादें कि वन विभाग ने विभिन्न गांवों में तलाशी अभियान चलाकर 4100 से अधिक स्लीपर बरामद किए हैं।
एफआईआर नहीं कराने को लेकर क्षेत्र में चर्चा
भारी संख्या में देवदार व कैल की लकड़ी की बरामदगी होने के बावजूद एफआईआर नहीं कराने को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर भी जारी है। लोगों का कहना है कि घर, दुकान व सरकारी भवनों से स्लीपर बरामद होने के गंभीर मामले में आरोपियाें के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई जानी चाहिए। उधर सहायक वन संरक्षक मुकुल कुमार ने बताया कि वन अधिनियम में किसी भी वन संबंधी अपराध के लिए सख्त से सख्त सजा का प्रावधान है। इस मामले में भी वन तस्करों को कड़ी सजा जरूर मिलेगी।