राजधानी दिल्ली में आयोजित 16वें अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन का पहला दिन देहरादून के लिहाज से उम्मीदों भरा रहा। अर्बन मोबिलिटी प्लान को लागू करने के लिए ई-बस और ईवी चार्जिंग स्टेशन को बढ़ावा देने की रणनीति बनाई गई। केंद्रीय आवास और शहरी विकास मंत्रालय की ओर से सम्मेलन में कहा गया कि पीएम ई-बस सेवा योजना पर 57 हजार करोड़ रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। इससे दून में खाते में नई ई-बस आने की उम्मीद बढ़ गई है। दरअसल दून के परिवहन विभाग ने 50 ई-बस केंद्र सरकार से मांग रखी हैं। उधर सम्मेलन में नियो मेट्रो प्रोजेक्ट पर कोई चर्चा नहीं होने से दून को मायूसी भी हाथ लगी है।
गौरतलब है कि देहरादून में 178 सिटी बस संचालित होती हैं। डीजल बस से शहर में काफी वायु प्रदूषण होता है। पुरानी बस हटाकर परिवहन विभाग अर्बन मोबिलिटी प्लान के तहत नई सीएनजी और इलेक्टि्रक बस लगाने की तैयारी में है। सीएस डॉ. एसएस संधू की अध्यक्षता में कई बार प्रोजक्ट पर चर्चा हो चुकी है, लेकिन बजट के अभाव में नई इलेक्टि्रक बस नहीं आ पा रही हैं। परिवहन विभाग ने केंद्र सरकार की प्रधानमंत्री ई-बस सेवा योजना के तहत 50 ई-बस मांगी हैं। उधर अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन में केंद्रीय आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय ने खुद छोटे शहरों में इलेक्टि्रक बस देने के लिए बड़ा बजट खर्च करने की योजना पर चर्चा की, तो देहरादून को भी इसका लाभ मिलने की उम्मीद प्रबल हो गई है।
Iबेड़े में 178 सीएनजी बस शामिल होंगीI
आरटीओ सुनील शर्मा कहते हैं कि हर हाल में शहर को प्रदूषण मुक्त करने के लिए डीजल सिटी बस को चलन से बाहर करना है, इनके स्थान पर 178 सीएनजी बस लाने की तैयारी है। इसका प्रस्ताव तैयार कर लिया गया है। उच्चस्तर पर इस मुद्दे पर चर्चा हो चुकी है। सीएनजी बस खरीदने के लिए सरकार बस आपरेटर्स को सब्सिडी भी देने की तैयारी में है।
I50 ई-बस से देखेंगे कितना आता खर्चI
आरटीओ सुनील शर्मा कहते हैं कि शहर में सिटी बस के बेड़े में 50 ई-बस पर्याप्त हैं। बताया कि ई-बस की फिजिबिलिटी पहले देखी जाएगी, दरअसल ई-बस का खर्च सीएनजी की अपेक्षा अधिक है। एक किमी. चलने में ई-बस पर 67 रुपए का खर्च आता है, जो सीएनजी की अपेक्षा काफी अधिक है। इसलिए पहले चरण में सिर्फ 50 इलेक्टि्रक बस की डिमांड की गई है।
Iकब हटेंगे नियो के बैरियरI
देहरादून के नियो मेट्रो प्रोजेक्ट की फाइल केंद्र सरकार के पास रुकी है। उम्मीद जताई जा रही है कि अर्बन मोबिलिटी इंडिया सम्मेलन से दून में नियो के बैरियर हट जाएंगे, हालांकि पहले दिन नियो को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।
Iपहले दिन अर्बन मोबिलिटी प्लान लागू करने को लेकर चर्चा हुई। हल्के सार्वजनिक साधनों को संचालित करने के लिए योजनाओं पर काम करने को कहा गया, नियो प्रोजेक्ट को लेकर कोई चर्चा नहीं हुई।
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I-जितेंद्र त्यागी, एमडी, उत्तराखंड मेट्रो रेल कारपोरेशनI