-यूपीसीएल ने किया स्पष्ट वित्तीय वर्ष 2026–27 के लिए टैरिफ में 2.64 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। उत्तराखंड पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड (यूपीसीएल) ने बिजली दरों में बढ़ोतरी के विरोध को देखते हुए स्पष्ट किया कि विद्युत नियामक आयोग ही बिजली की दरें निर्धारित करता है। वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए टैरिफ याचिका में मात्र 2.64 प्रतिशत सामान्य वृद्धि का प्रस्ताव रखा है।
यूपीसीएल के प्रबंधन निदेशक अनिल कुमार ने कहा कि 16 प्रतिशत वृद्धि आंकड़ा नियमित वार्षिक टैरिफ वृद्धि नहीं है बल्कि पूर्व वित्त वर्षों के समायोजन से उत्पन्न एक तकनीकी वित्तीय आवश्यकता है। वर्ष 2024–25 के लिए विद्युत नियामक आयोग ने अनुमानित वार्षिक आवर्ती राजस्व (एआरआर) के आधार पर स्वीकृति प्रदान की थी जबकि वास्तविक एआरआर अधिक निकली। इस अंतर की पूर्ति के लिए 13.59 प्रतिशत समायोजन की आवश्यकता उत्पन्न होती है। बोर्ड बैठक में 16 प्रतिशत आंकड़ा केवल तकनीकी गणना का हिस्सा है। यह उपभोक्ताओं पर लागू होने वाली नई दर नहीं है।
विद्युत नियामक आयोग के समक्ष टैरिफ प्रस्ताव 10 दिसंबर तक प्रस्तुत किया जाना है। टैरिफ का अंतिम निर्धारण उपभोक्ता सहभागिता, पारदर्शिता और नियामकीय परीक्षण के बाद ही किया जाता है। यूपीसीएल ने वित्त वर्ष 2025–26 के लिए 12.01 प्रतिशत वृद्धि का प्रस्ताव रखा था, जिसके विरुद्ध आयोग ने मात्र 5.62% वृद्धि मंजूरी दी थी।