- बारिश न होने से फसल हो रही खराब, बीमा भी नहीं हो पा रहा
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश में अन्नदाताओं को मौसम की बेरुखी के साथ ही सिस्टम की खामी के चलते दोहरी मार का सामना करना पड़ रह है। पिछले कई दिनों से बारिश न होने से गेंहू एवं अन्य फसलें खराब हो रही हैं, वहीं पोर्टल में तकनीकी दिक्कत के चलते किसानों की फसलों का बीमा भी नहीं हो पा रहा है।
रुड़की में किसानों को प्राकृतिक आपदाओं से सुरक्षा देने के उद्देश्य से हर साल फसलों का बीमा कराया जाता है, लेकिन पोर्टल बंद होने की वजह से अब तक किसानों की फसलों का बीमा नहीं हो पाया है। स्थानीय अश्वनी कुमार के मुताबिक पोर्टल बंद होने से उनका डाटा अपलोड नहीं हो रहा है। वहीं, स्थानीय अभिनव सैनी ने बताया कि बारिश न होने से फसलों पर इसका बुरा असर पड़ रहा है। किसान गौरव कुमार और राहुल का कहना है कि फसल बीमे की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए। वहीं, साहिया में भी किसानों की फसलों का बीमा नहीं हो पा रहा है।
स्थानीय किसानों का कहना है कि क्षेत्र की अधिकतर खेती असिंचित है। यही वजह है कि फसलों के लिए किसान पूरी तरह से बारिश पर निर्भर हैं। फसलों का बीमा न होने से उन्हें मौसम के बाद सिस्टम की मार का सामना करना पड़ रहा है। एसडीएम ने बताया प्रेमलाल ने बताया समस्या के संबंध में संबंधित अधिकारियों से बात करके आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गेंहू की फसल के बीमे के लिए 15 दिसंबर अंतिम तिथि थी। इसके बाद पोर्टल बंद कर दिया गया था, लेकिन किसानों की मांग के बाद बीमा अवधि को 31 दिसंबर तक के लिए बढ़ा दिया गया है। आज से पोर्टल खुल जाएगा। -एके उपाध्याय, अपर निदेशक कृषि
औद्यानिकी फसलों के बीमे के लिए पोर्टल में कुछ तकनीकी दिक्कत थी। जिसे दूर कर लिया गया है। संभावना है कि आज से पोर्टल खुल जाएगा। - महेंद्र पाल, उप निदेशक उद्यान विभाग