Iकालसी-चकराता मोटर मार्ग के दूरी सूचक पैदा कर रहे भ्रम, पर्यटकों और श्रद्धालुओं को होती है परेशानीI
कालसी-चकराता मोटर मार्ग पर पर्यटन विभाग के दूरी सूचक बोर्ड भ्रम पैदा कर रहे हैं। लोक निर्माण विभाग के मील के पत्थरों और पर्यटन विभाग के दूरी सूचकों में एक से तीन किलोमीटर का अंतर है। इससे पर्यटकों और श्रद्धालुओं को दूरी का सही पता नहीं चल पा रहा है। कई लोग वाहन रोककर मोटर मार्ग से गुजरने वालों को चकराता और हनोल मंदिर की दूरी पूछते हैं।
कालसी-चकराता मोटर मार्ग से श्रद्धालु हनोल मंदिर पहुंचते हैं। मंदिर में हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तर प्रदेश, पंजाब तक से श्रद्धालु पहुंंचते हैं। पर्यटन स्थल चकराता में भी रोजाना बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंचते हैं। मोटर मार्ग से आवागमन करने वालों की सुविधा के लिए लोक निर्माण विभाग ने जगह-जगह मील के पत्थर लगाए हैं। वहीं, पर्यटन विभाग ने मील पत्थरों के आसपास ही दूरी सूचक बोर्ड लगा दिए। दोनों में दर्शायी गई दूरी में बड़ा अंतर है। सड़क के दो मोड़ों पर 50 मीटर की दूरी है तो पहले पर मील के पत्थर पर जो दूरी लिखी है वह दूसरे मोड़ पर एक से तीन किलोमीटर बढ़ जाती है। पूरे रास्ते पर्यटक और श्रद्धालु दूरी में अंतर से परेशान रहते हैं। कहीं पता चलता है कि चकराता तीन किलोमीटर दूर है तो अगले मोड़ पर दूरी छह किलोमीटर हो जाती है।
Iमामला संज्ञान में नहीं है। निरीक्षण के बाद पर्यटन विभाग को बोर्ड में सुधार के लिए पत्र लिखा जाएगा। - रचना थपलियाल, ईई, लोनिवि अस्थायी खंड, साहियाI
Iमामला संज्ञान में नहीं है। निरीक्षण के बाद पर्यटन विभाग को बोर्ड में सुधार के लिए पत्र लिखा जाएगा। - रचना थपलियाल, ईई, लोनिवि अस्थायी खंड, साहियाI