- अलग-अलग आदेश होने से अभिभावक काट रहे चक्कर
अमर उजाला ब्यूरो
देहरादून। प्रदेश के सरकारी और निजी स्कूलों में बच्चों के कक्षा एक में आयु के मामले को शिक्षा विभाग ने उलझाया हुआ है। प्रकरण में शासन ने कुछ तो निदेशालय से कुछ अन्य निर्देश जारी किया है। स्थिति को स्पष्ट करने के लिए अभिभावक दोनों आदेश लेकर अधिकारियों के चक्कर लगा रहे हैं।
शिक्षा सचिव रविनाथ रामन ने पिछले साल इस संबंध में जारी आदेश में कहा कि बालक या बालिका के शिक्षा सत्र शुरू होने की तिथि से पहले उसने छह साल की उम्र पूरी कर ली हो ऐसे छात्र को कक्षा एक में प्रवेश दिया जाएगा। 13 जून 2025 को शासन ने इस आदेश को संशोधित करते हुए कहा कि एक जुलाई से पहले बच्चे ने छह साल की उम्र पूरी कर ली हो उसे कक्षा एक में प्रवेश दिया जाएगा। जबकि वर्तमान में जिन बच्चों ने प्री स्कूल में प्रवेश ले लिया है। उन्हें कक्षा एक में प्रवेश की अनुमति पूर्व के वर्षों की तरह दी जाएगी लेकिन 24 मार्च 2026 को माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने जो निर्देश जारी किया है, उससे निजी स्कूल और अभिभावक असमंजस में हैं। निर्देश में कहा गया है कि शिक्षा सत्र के प्रारंभ की तिथि एक अप्रैल को कक्षा एक में प्रवेश के लिए छात्र की आयु छह साल होनी चाहिए। अभिभावकों का कहना है कि प्रकरण को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों के चक्कर लगा रहे है, इसके बावजूद मामले की अनदेखी की जा रही है। बच्चों का साल खराब न हो इसे देखते हुए मामले में स्पष्ट निर्देश जारी किया जाना चाहिए।
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कक्षा एक में प्रवेश के लिए बच्चे की आयु छह साल होनी चाहिए, सरकारी और निजी, दोनों स्कूलों में इसे लागू किया जाएगा।
- कंचन देवराड़ी, प्रारंभिक शिक्षा निदेशक