फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Dehradun News: 25 रुपये में बिक रही मौत की डोर

विज्ञापन
चाइनीज़ मांझा... संवाद
विज्ञापन
- पलटन बाजार के धामावाला क्षेत्र की थोक दुकान में बिक रहा चीनी मांझा पर दुकान में नहीं रखते माल
विज्ञापन

- ग्राहक आने पर 15 मिनट में मांझा
- बसंत पंचमी से पहले बढ़ी चीनी मांझे की बिक्री
अंकित यादव
देहरादून। चीनी मांझा के सौदागर बसंत पंचमी आते ही फिर सक्रिय हो गए हैं। पलटन बाजार स्थित धामावाला इलाके में मांझा और पतंग के थोक विक्रेता चीनी मांझे को खुलेआम बेच रहे हैं। वे इसकी कीमत 25 रुपये लगा रहे हैं। थोक विक्रेता और रिपोर्टर के बीच करीब आधे घंटे तक बातचीत हुई। इसमें विक्रेता ने चीनी मांझा के बेचने और छिपाने के सारे राज उगल दिए। यह सब तब हो रहा है जब चीनी मांझा बेचने, खरीदने और इस्तेमाल करने पर पांच वर्ष की सजा और एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान है। पेश है थोक विक्रेता के स्टिंग ऑपरेशन की विस्तृत रिपोर्ट।
बृहस्पतिवार दोपहर 3:02 बजे रिपोर्टर पलटन बाजार के धामावाला स्थित मांझा और पतंग के थोक विक्रेता की दुकान में पहुंचता है। रिपोर्टर, मांझा मिलेगा क्या। दुकानदार, हां। कौन-कौन से हैं, दुकानदार, पांडा, सिंथेटिक और डोरी। चाइनीज मांझा है क्या। दुकानदार ने पहले चारों तरफ देखा, पास में कोई खड़ा था इसलिए बोला, नहीं। चाइनीज मांझा नहीं बेचते। रिपोर्टर ठीक है, और जाते-जाते कहा दुकान में बेचने के लिए चाहिए था, कहीं और मिल जाएगा क्या। फिर दुकानदार इशारा करता है रुको। दुकानदार, 15 मिनट तक रुकना पड़ेगा, दूसरे ठिकाने पर रखा है। ठीक है। इस बीच दुकानदार, चाइनीज मांझा भारत में प्रतिबंधित है ना इस लिए छिप-छिपकर बेचना पड़ता है। पकड़े गए तो पांच साल की जेल हो जाएगी, एक लाख का जुर्माना अलग से लगेगा। रिपोर्टर हां वो तो है। तब तक एक और फुटकर विक्रेता चाइनीज मांझा खरीदने आया, वह उसका पुराना कस्टमर है। थोड़ी देर बाद एक व्यक्ति स्कूटी से बोरी में डालकर चाइनीज मांझा के तीन डिब्बे लेकर आता है। चुपचाप आपस में घेर बनाकर दो उसकी बोरी में डाल देता है। दुकानदार लो एक डिब्बा आप अपनी स्कूटी की डिग्गी में जल्दी से डाल लो और 700 रुपये दे दो। बहुत महंगा है थोड़े कम कर लो पैसे। दुकानदार, इसमें कोई मोलभाव नहीं होगा, लेना है लो, लोग 900 रुपये भी लेकर जाते हैं।
विज्ञापन


एक पैकेट में चीनी मांझे की 28 चकरी होती हैं
थोक विक्रेता के मुताबिक चीनी मांझे के डिब्बे में 28 चकरी होती है। इसकी कीमत 700 रुपये है। यानि एक चकरी की कीमत 25 रुपये है। विक्रेता के अनुसार इसकी फुटकर कीमत 35 रुपये होगी।
-
मांझे से कटकर घायल हुए हैं लोग
दून अस्पताल में गत हाल ही में मांझे से कटकर घायल होने के बाद दो लोग पहुंच चुके हैं। इसके अलावा हरिद्वार में 11 जनवरी को दो बाइक सवार युवक मांझे से कटे थे। इसके अलावा एक बाइक सवार अन्य युवक की मांझे से कटने से गर्दन में गहरी चोट आई थी। गर्दन में कई टांके लगे थे। वहीं रुड़की में हाल ही में एक चील पक्षी कट गया था।


देसी और चीनी मांझे में अंतर
देसी मांझा विशेषकर सूती धागे पर चावल और गोंद का लेप लगाकर बनाया जाता है। इसमें कांच भी हल्की मात्रा में मिलाया जाता है ताकि वह पतंग के अन्य धागे को काट सके। जबकि, चीनी मांझे में नायलॉन और प्लास्टिक का धागा इस्तेमाल होता है। इस पर विशेष रसायन के साथ महीन कांच मिलाकर तैयार किया जाता है। यह देसी मांझे की अपेक्षाकृत अधिक मजबूत और धारदार होता है। यही कारण है कि इसके पेड़, तारों आदि में उलझने पर पक्षियों की जान को खतरा होता है। इसके साथ ही इंसानों की गर्दन व अन्य अंग कटने की घटनाएं होती हैं।
विज्ञापन



चीनी मांझे की बिक्री पर पूर्ण रूप से प्रतिबंध है। इसकी बिक्री करते पाए जाने पर सजा व जुर्माने का प्रावधान है। शहर में अगर कोई दुकानदार अवैध रूप से इसकी बिक्री करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। टीमों को चेकिंग के निर्देश दिए गए हैं।-सविन बंसल, जिलाधिकारी देहरादून
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें