जौनसार बावर के ग्राम गढैता की बेटियां अपने गांव का नाम रोशन कर रही हैं। होनहार बेटियां आज देश के विभिन्न राज्यों में अलग-अलग विभागों के बड़े पदों पर आसीन हैं। सुविधाओं के अभाव वाले गांव से निकलकर बुलंदियों को छूने वाली यह बेटियां युवक-युवतियों के लिए प्रेरणा बनी हुई हैं।
कालसी तहसील के खत सीलीगोथान का गढैता गांव अति दुर्गम होने के साथ दो खड्ड के बीच बसा हुआ है। यहां कुल 18 परिवार निवास करते हैं। इन परिवारों में पैदा हुई बेटियों ने गांव की असुविधाओं से जूझते हुए न सिर्फ शिक्षा प्राप्त की, बल्कि विभिन्न विभागों में उच्च पदों पर आसीन होकर गांव का नाम रोशन किया। ग्राम निवासी रंजना चौहान पुत्री मान सिंह चौहान इस समय पंजाब नेशनल बैंक विकासनगर में सीनियर अधिकारी के पद पर तैनात हैं। जबकि रीना चौहान पुत्री मान सिंह चौहान इस समय इंडियन ओवरसीज बैंक देहरादून नया गांव में शाखा प्रबंधक के पद पर कार्यरत हैं। इसी क्रम अंजलि चौहान पुत्री मान सिंह चौहान उत्तराखंड ग्रामीण बैंक कोटद्वार में पीओ के पद पर हैं, जबकि स्वेता चौहान पुत्री श्याम सिंह चौहान उत्तर प्रदेश में ग्रामीण बैंक में पीओ पद पर कार्यरत हैं। रुचिका चौहान पुत्री कांति राम चौहान उत्तर प्रदेश में ग्रामीण बैंक में पीओ पद पर हैं। प्रमीला चौहान पुत्री गुमान सिंह चौहान असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर हैं। अमृता चौहान पुत्री खजान सिंह चौहान सीनियर अधिकारी भारतीय जीवन बीमा निगम व सुचिता चौहान पुत्री रतन सिंह चौहान नर्सिंग अधिकारी के पद पर हिमाचल प्रदेश के विलासपुर में कार्यरत हैं। इसी प्रकार से निशा चौहान व विनीता चौहान पुत्री रतन सिंह चौहान उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत है। अंजु व मोहिनी पुत्री शिबा दास दोनों ही सरकारी संस्थानों में कार्यरत हैं।
जीवन को बेहतर बनाने के लिए शिक्षा सबसे महत्वपूर्ण है। सुविधाएं सभी लोगों को उपलब्ध नहीं हो पाती हैं। यदि अभाव भी है तो पढ़ाई को और अधिक मेहनत से करना चाहिए। -रुचिका, ग्रामीण बैंक की अधिकारी।
-
पहाड़ में सुविधाओं का अभाव रहता है। लेकिन, युवाओं को कभी हार नहीं माननी चाहिए। पूरी मेहनत और लगन से की गई पढ़ाई सफलता अवश्य देती है। प्रमिला चौहान, प्रोफेसर
-
युवाओं को पढ़ाई के साथ-साथ खेलकूद पर भी विशेष ध्यान देना चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों के युवाओं में हर खेल में बेहतर करने की क्षमता होती है।
-खुशी चौहान, खिलाड़ी
शिक्षा सभी प्रकार की समस्याओं का समाधान है। ग्रामीण क्षेत्र की बेटियों को तो और अधिक मेहनत व लगन से पढ़ना चाहिए।
-रंजना चौहान, बैंक प्रबंधक