नाबालिग के साथ दुष्कर्म के आरोपी को विशेष न्यायाधीश पोक्सो अपर जिला जल अर्चना सागर की अदालत ने दोषी करार दिया है। दोषी को 20 साल की सजा का फैसला सुनाया गया है। उस पर जुर्माना भी लगाया गया।
सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता फौजदारी अल्पना थापा के मुताबिक क्रांशू पुत्र समर पाल सिंह निवासी कृष्णा विहार कॉलोनी गुमानीवाला ऋषिकेश देहरादून को सजा सुनाई गई है। इसके खिलाफ 22 जुलाई 2021 को मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने इस मामले में एक सितंबर 2021 को चार्जशीट कोर्ट में पेश की थी।
पीड़िता के परिजनों की ओर से दी गई शिकायत में कहा गया था कि 18 जुलाई 2021 को उनकी 14 साल की नाबालिग बेटी पानी लेने के लिए घर के पास गई थी। रात भर तलाशते रहे लेकिन नहीं मिली। अगली सुबह बेटी घर लौटी और बताया कि वह सहेली के घर चली गई थी। बेटी बहुत डरी हुई थी। मां ने बार-बार पूछा और विश्वास में लिया। इसके बाद पीड़िता ने बताया कि क्रांशू चौहान प्रॉपर्टी डीलर जबरदस्ती ऋषिकेश ले गया था। बताया कि उसे क्रांशू लगातार परेशान करता रहा है। धमकी भी दी कि अगर दोस्ती नहीं की तो आत्महत्या कर लेगा। आरोप है कि अप्रैल 2021 को गुमानीवाला स्थित घर ले गया और जबरन शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद भी धमकी देकर बार-बार शारीरिक संबंध बनाता रहा। इस मामले में कोर्ट ने दोष सिद्ध होने पर 20 साल की कठोर कारावास और जुर्माना लगाया।