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I- डीएम ने कहा, बेपरवाह कंपनियों को न तो रूट का पता, न ही किया हाउसहोल्ड सर्वे, अब और मौका नहीं दे सकतेI
दो सालों से शहर के 84 वार्डों में डोर-टू-डोर कूड़ा एकत्रीकरण का काम संभाल रही इकोन-वाटरग्रेस कंपनी की उल्टी गिनती बुधवार से शुरू हो गई। कूड़ा एकत्रीकरण को लेकर पहले ही लापरवाही बरत रही कंपनी के कुप्रबंधन के कारण दीपावली पर कारगी ट्रांसफर प्वाइंट में 2000 टन कूड़े का पहाड़ खड़ा हो गया। इससे खफा डीएम ने अब दोनों कंपनियों को और मौका देने से इन्कार करते हुए काम वापस लेने के निर्देश दिए। नगर आयुक्त को नया टेंडर निकालकर नई कंपनियों को मौका देने के आदेश दिए। यह भी कहा कि जब तक नई कंपनियां नहीं आ जातीं, तब तक यही कंपनियां काम करेेंगी। अगर इस दौरान इन्होंने काम में लापरवाही की तो इनकी जमानत राशि को जब्त कर लिया जाएगा।
नगर निगम में हुई समीक्षा बैठक में कहा गया कि डोर टू डोर कूड़ा एकत्रीकरण करने वाली कंपनियों को 45 दिन का समय दिया गया था, इस दौरान इनकी निगरानी की गई थी। 26 वार्डों में सनलाइट कंपनी का काम अपेक्षाकृत संतोषजनक पाया गया, लेकिन शेष 84 वार्डों में काम कर रही इकोन और वाटरग्रेस कंपनियां, जो एक ही ग्रुप की हैं, इनका कामकाज ठीक नहीं पाया गया। यह दोनों कंपनियां अब तक हाउसहोल्ड सर्वे नहीं कर पाईं। कंपनियों ने कूड़ा उठाने वाली गाड़ियों की भी व्यवस्था नहीं की। डीएम सविन बंसल ने कहा कि अब दोनों कंपनियों को अंतिम नोटिस जारी किया जाए। तीन दिन बाद नया टेंडर निकाले जाने की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी। डीएम ने चेतावनीर दी कि अगर कंपनियों ने बीच में काम करना छोड़ दिया तो कंपनी को ब्लैकलिस्ट किया जाएगा।
Iदस लाख टन हुआ कूड़े का पहाड़, डीएम ने ठोका 21 लाख का जुर्मानाI
कूड़ा निस्तारण की बैठक में शीशमबाड़ा में कूड़ा निस्तारण कर रही नेकॉफ कंपनी को भी जमकर फटकार लगाई गई। डीएम ने पूछा कि पिछले दो साल से यह कंपनी मनमानी कर रही है, इस पर क्या कार्रवाई की गई। निगम के अफसरों ने बताया कि इन्हें चेतावनी दी गई, लेकिन कोई जुर्माना या कार्रवाई नहीं की गई। डीएम को बताया गया कि शीशमबाड़ा में कूड़े का पहाड़ बढ़़कर 10 लाख टन हो गया है, जो कि पहले चार लाख टन था, स्पष्ट है कि कंपनी शीशमबाड़ा में कूड़ा निस्तारण का काम संभाल ही नहीं पा रही है। गुस्साए डीएम ने कहा कि एक सप्ताह में कूड़ा निस्तारण में प्रगति लाएं वरना कंपनी से काम छीन लिया जाएगा। कंपनी पर 21 लाख की पेनल्टी लगाई गई है, कहा कि सात लाख रुपये फिलहाल जमा कर काम ठीक से करें, नहीं तो आपकी एक करोड़ की जमानत राशि जब्त कर ली जाएगी।
Iजागरूकता करने वाली कंपनी को भी हटाने के निर्देशI
दून में लोगों को घर-घर जाकर गीला-सूखा कूड़ा अलग करने के लिए एक कंपनी को हर महीने करीब आठ लाख रुपये दिए जा रहे थे। इसके बदले कंपनी के कर्मचारी डोर-टू-डोर जाकर लोगों को गीला-सूखा कूड़ा अलग-अलग करने के लिए जागरूक कर रही थी, लेकिन अभी तक दून में इसके प्रति लोग जागरूक नहीं हो पाए। जिसके बाद इस कंपनी को भी हटाने के निर्देश दिए हैं।