प्राचार्य सम्मेलन में कर्नल अजय कोठियाल का स्वागत करते आयोजक। स्रोत विवि
सेलाकुई। इक्फाई विश्वविद्यालय में एक दिवसीय प्राचार्य सम्मेलन का आयोजन किया गया। इसमें नई शिक्षा नीति पर मंथन किया गया। कार्यक्रम में अलग-अलग राज्यों से आए प्राचार्यों ने प्रतिभाग किया। सम्मेलन का उद्घाटन करते हुए कर्नल अजय कोठियाल ने शिक्षा के भारतीयकरण पर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि छात्रों को शिक्षित होने के साथ साहसिक होना भी आवश्यक है। भारतीय ज्ञान पद्धति युवाओं को यह साहस प्रदान करती है। सामाजिक कार्यकर्ता रेणू डी सिंह ने कहा कि भारतीय शिक्षा का मूल तत्व वसुधैव कुटुंबकम् में निहित है। भारतीय प्राचीन शिक्षा प्रणाली विद्यार्थियों में ज्ञान और कौशल के अलावा प्रेम, करुणा का भाव भी पैदा करती है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राम करण सिंह ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी प्राचार्य व अतिथियों का आभार जताया। इक्फाई सूचना विभाग के उपाध्यक्ष श्रीकांत पथूरी ने विवि के माध्यम से प्रदान की जाने वाली विभिन्न छात्रवृत्तियों के बारे में जानकारी दी। इस दौरान सहोदय के अध्यक्ष सोमदत्त त्यागी, रजिस्ट्रार डॉ. रमेश चंद्र रमोला, पार्थ उपाध्याय, राकेश ऋषि शर्मा, श्रुति रस्तोगी, मोनिका खरोला आदि मौजूद रहे। संवाद