नगर पालिका सी श्रेणी में है, जबकि उच्चीकरण के लिए निर्धारित कई मानक पालिका पहले ही पूरे कर चुकी है। पालिका की वार्षिक आय एक करोड़ रुपये से अधिक है और शहर की आबादी करीब 40 हजार पहुंच चुकी है। शहरीकरण बढ़ने के साथ अधिकतर लोग नौकरी और व्यवसाय से जुड़े हैं। इसके बावजूद उच्चीकरण का प्रस्ताव लंबे समय से शासन में लंबित है।पहली बोर्ड बैठक में पालिका के उच्चीकरण का प्रस्ताव पास कर शासन को भेजा गया था। पालिका की आय एक करोड़ रुपये से अधिक होने के साथ शहर की आबादी भी निर्धारित मानकों के अनुरूप बढ़ चुकी है। शहर में लगातार बढ़ते शहरीकरण और व्यावसायिक गतिविधियों के कारण पालिका क्षेत्र का विस्तार और जिम्मेदारियां भी बढ़ी हैं। ऐसे में वर्तमान श्रेणी में सीमित संसाधनों के बीच बढ़ती आबादी को सुविधाएं उपलब्ध कराना चुनौती बन रहा है।नगर पालिका ने स्वच्छता के क्षेत्र में भी बेहतर प्रदर्शन किया है। स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 में पालिका को प्रदेश में 11वां स्थान मिला था। इसके अलावा पालिका को कूड़ा मुक्त शहरों की एक स्टार श्रेणी प्राप्त है और पालिका ओडीएफ प्लस प्लस की श्रेणी में भी शामिल है। पालिका अधिकारियों का कहना है कि उच्चीकरण होने से वित्तीय संसाधनों और विकास कार्यों के लिए मिलने वाली सुविधाओं में बढ़ोतरी हो सकती है। वर्तमान श्रेणी के कारण बढ़ती आबादी और क्षेत्र की जरूरतों के अनुरूप संसाधन जुटाने में दिक्कत आती है।