फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

हाईकोर्ट पहुंचा एनएच-87 में धांधली का मामला, कमिशनर को नोटिस

Fri, 17 Mar 2017 11:19 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
विज्ञापन
- फोटो : demo pic
विज्ञापन
एनएच-74 में घोटाला मामले के बाद एनएच-87 में धांधली का मामला भी जनहित याचिका के जरिए हाइकोर्ट पहुंच गया है। कोर्ट ने रामपुर-काठगोदाम तक बनाए जा रहे फोरलेन एनएच-87 के प्रोजेक्ट में की गई धांधली के मामले में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई के बाद कुमाऊं कमिश्नर को नोटिस जारी कर जवाब दाखिल करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य सरकार को 24 मार्च को स्थिति स्पष्ट करने के लिए कहा है। 
विज्ञापन

 
शुक्रवार को मुख्य न्यायाधीश केएम जोसेफ एवं न्यायमूर्ति आलोक सिंह की खंडपीठ के समक्ष मामले की सुनवाई हुई। मामले के अनुसार भूमि एवं पर्यावरण संरक्षण के सचिव राजेंद्र कुमार सती ने हाइकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर कहा था कि हल्द्वानी होकर गुजरने वाले एनएच-87 रामपुर-काठगोदाम सेक्शन के चौड़ीकरण के प्रोजेक्ट के लिए 15 अगस्त, 2015 को अधिसूचना जारी की गई थी। उसमें बहुत से विधिक प्रावधानों का उल्लंघन किया गया है। साथ ही कहा कि अधिसूचना में यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि किन भूमिधरों की कौन सी भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। 

याचिका में कहा कि प्रोजेक्ट में अधिकारियों की ओर से कहीं पर चौड़ीकरण और कहीं पर नया राजमार्ग के नाम अलग अलग माप की भूमियों का अधिग्रहण किया गया है। एनएच 74 के भूमि अधिग्रहण मामले में विशेष भूमि आध्याप्ति अधिकारी डीपी सिंह व नेशनल हाइवे अथॉरिटी के अधिकारी भी  भी जांच के दायरे में हैं। याचिका में कहा कि इसलिए मामले पर यथास्थिति कायम रखने व उच्चस्तरीय जांच की आवश्यकता है। पक्षों की सुनवाई के बाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने नोटिफिकेशन की विधिक कमियों व संबंधित अधिकारियों की भूमिका पर टिप्पणी करते हुए राज्य सरकार को मामले में स्थिति स्पष्ट करने का निर्देश दिया है। मामले की अगली सुनवाई 24 मार्च को होगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें