I
Iदो दिन बाद छठ पूजा के साथ दून में भक्तिमय होगा माहौलI
दिवाली के बाद अब छठ पूजा की तैयारियां शुरू हो गई हैं। दून के सभी छोटे और बड़े छठ घाटों समेत जलाशयों की साफ-सफाई का अभियान तेज हो गया है। मंगलवार को शहर के विभिन्न छठ घाटों पर साफ-सफाई करने के साथ पूजा स्थलों को तैयार किया गया।
छठ घाट में लगी झाड़ियों की सफाई की गई। नदी के बहाव में एकत्रित कूड़ा कचरा साफ किया गया। रायपुर, मालदेवता, क्लेमेंटटाउन, ब्रह्मपुरी आदि घाटों पर छठ मइया की मूर्ति बनाई गई। उधर टपकेश्वर महादेव मंदिर, प्रेमनगर, कौलागढ़ के गंगा बिहार, राजपुर रोड, काटबंगला आदि में सफाई अभियान तेज कर दिया गया है।
छठ का पर्व मुख्य रूप से बिहार, झारखंड और पूर्वी उत्तर प्रदेश में मनाया जाता है। लेकिन बीते कुछ वर्षों से दून में भी पलास के साथ छठ पूजा का पर्व मनाया जाता है। दून में छठ पूजा के त्योहार के साथ ही चार दिन तक शहर में भक्तिमय माहौल रहेगा। महिलाएं अपनी संतान की लंबी उम्र, उसके स्वास्थ्य, उज्जवल भविष्य और सुखमय जीवन की कामना करेंगी। 36 घंटों तक कठिन नियमों का पालन करते हुए इस व्रत को रखा जाता है। इस दौरान व्रती 24 घंटे से अधिक समय तक निर्जल व्रत रखते हैं। नहाय-खाय कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की चतुर्थी तिथि को छठ त्योहार का पहला दिन होता है।
Iनहाय खाय 17 नवंबर को शुरूI
इस साल छठ का नहाय खाय शुक्रवार 17 नवंबर को शुरू है। इस दिन प्रसाद के रूप में सात्विक रूप से कहु-भात तैयार किया जाता है। दूसरे दिन कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को खरना मनाया जाएगा। इस साल खरना 18 नवंबर को है। दिन भर व्रत के बाद व्रती रात को पूजा के बाद गुड़ से बनी खीर खाकर अपना व्रत पूरा करते हैं। उसके बाद से 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होता है। तीसरे दिन छठ त्योहार की मुख्य पूजा की जाती है, जो 19 नवंबर को मनाया जाएगा। साथ ही व्रती और परिवार के सभी लोग नदी, तालाब और आदि में जाकर डूबते सूर्य को अर्घ्य देते हैं और छठी मईया का पूजन करते हैं। चौथे दिन उषा अर्ध्य सप्तमी तिथि को छठ त्योहार का अंतिम दिन होता है जोकि इस साल 20 नवंबर को मनाया जाएगा। इस दिन सुबह उगते सूर्य को जल अर्घ्य किया जाएगा।
Iधूमधाम से मनाएगा पर्व बिहारी महासभाI
दून के बिहारी महासभा ने छठ पूजा की तैयारियों को लेकर मंगलवार को कार्यकारिणी की बैठक की गई। सभा के अध्यक्ष ललन सिंह ने बताया, छठ पूजा का कार्यक्रम चंद्रबदनी, टपकेश्वर महादेव मंदिर, प्रेमनगर और मालदेवता में आयोजित किया जाएगा। सचिव चंदन कुमार झा ने बताया, दिवाली के छह दिन बाद छठ त्योहार को धूमधाम से मनाया जाएगा। बैठक में कोषाध्यक्ष रितेश कुमार, पूर्व अध्यक्ष सत्येंद्र सिंह, कार्यकारिणी सदस्य आलोक सिन्हा सह, सचिव प्रभाव कुमार रंजन कुमार आदि मौजूद रहे।