ग्रामीणों की सुविधाओं का भी नए भवन में रखा गया है ख्याल
सभी विभागोें के लिए अलग-अलग होंगे कार्यालय
अधिकारी और कर्मचारियों को भी जर्जर भवन से मिलेगा छुटकारा
ग्रामीण क्षेत्रों की सत्ता का केंद्र माना जाने वाला ब्लाॅक मुख्यालय अब नए रंग में रंगा हुआ नजर आएगा। विकासनगर ब्लॉक की पुरानी व जर्जर हो चुकी इमारत के स्थान पर नया भवन बनाया जा रहा है। इसमें सुदूर ग्रामीण क्षेत्र से आने वाले लोगों की सुविधाओं का भी ख्याल रखा गया है।
विकासनगर ब्लाॅक मुख्यालय के नए भवन के निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका है। तीन करोड़ चालीस लाख रुपये की लागत से बनकर तैयार हुए ब्लाॅक मुख्यालय में संबंधित विभागों के अलग-अलग कार्यालयों के अलावा ग्रामीणों के बैठने, पानी और शौचालय आदि की सभी सुविधाएं उपलब्ध रहेंगी। इसके अलावा समय-समय पर ब्लाॅक में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों के लिए सभागार भी होगा।
विकासनगर ब्लाॅक में 53 ग्राम पंचायतें आती हैं। जरूरी कामकाज के लिए भारी संख्या में ग्रामीण व जनप्रतिनिधि प्रतिदिन कार्यालय में आते हैं। लेकिन पुराने हो चुके भवन के कारण ग्रामीणों को यहां किसी प्रकार की सुविधा उपलब्ध नहीं रहती है। और तो और बरसात के दिनों में छतों से टपकने वाला पानी ब्लाॅक मुख्यालय पर बने अलग-अलग विभागों के दफ्तरों के लिए भी गंभीर स्थिति पैदा करता है। नया भवन बन जाने से ग्रामीणों के साथ यहां काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारियों को भी किसी प्रकार की समस्या नहीं आएंगी।
इन विभागों के होंगे कार्यालय
ब्लाॅक स्तर से होने वाले सरकारी योजनाओं के संचालन के लिए नए भवन में कृषि विभाग, उद्यान विभाग, खाद्य आपूर्ति विभाग, समाज कल्याण विभाग, ग्राम्य विकास, सहकारिता, महिला एवं बाल विकास विभाग, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना, लघु सिंचाई, पंचायत चुनाव संबंधी निर्वाचन का कार्य, पंचायत राज विभाग, पीआरडी के अलग-अलग कार्यालय होंगे।
बयान...
विकासनगर ब्लाॅक मुख्यालय काफी पुराना हो चुुका था। कार्यालयों की स्थिति बेहद दयनीय थी। इसलिए नए भवन को बनाने का काम शुरू किया गया। अब लगभग निर्माण पूरा हो चुका है। कुछ समय बाद यह पूर्णत: तैयार हो जाएगा। इससे ग्रामीणों को राहत मिलेगी। सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में भी आसानी रहेगी। - जसविंदर सिंह, ब्लाॅक प्रमुख, विकासनगर