पेपर लीक और अन्य परीक्षा धांधलियों के आरोप में जेल में बंद नौ आरोपियों की जमानत हाईकोर्ट से भी खारिज हो गई। इनमें आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन का मालिक राजेश चौहान भी शामिल है। एसटीएफ के विशेष अधिवक्ता ने इसके लिए हाईकोर्ट में पैरवी की थी। चौहान ने जब सर्वोच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया तो उसे एक मामले में जमानत मिल गई। अब एसटीएफ इसका भी विरोध करेगी।
पिछले साल एसटीएफ ने पेपर लीक मामले में जांच शुरू की थी। जांच में एक के बाद एक कई परीक्षाओं में धांधली की बात सामने आई। इसके बाद सचिवालय रक्षक, ग्राम पंचायत विकास अधिकारी और सचिवालय रक्षक परीक्षा धांधली में भी जांच शुरू हुई। इन सभी मामलों में एसटीएफ ने कुल 57 लोगों को गिरफ्तार किया। इनमें मुख्य आरोपी आरएमएस टेक्नो सॉल्यूशन के मालिक राजेश चौहान को बनाया गया। 24 के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई की गई।
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कुछ आरोपियों की एकाध मामलों में जमानत निचली अदालत से मंजूर हो गई थी। जबकि, कई की खारिज कर दी गई थी। ऐसे में राजेश चौहान, तनुज शर्मा, संदीप कुमार शर्मा, शशिकांत, हाकम सिंह, ललित राज शर्मा, हिमांशु कांडपाल, विपिन बिहारी और मनोज जोशी बर्खास्त पीआरडी जवान ने जमानत के लिए उच्च न्यायालय का दरवाजा खटखटाया था। एसटीएफ एसएसपी आयुष अग्रवाल ने बताया कि इन सभी की जमानत हाईकोर्ट से भी खारिज करा दी गई है।