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भूकंप के अध्ययन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के इस्तेमाल से रूबरू होंगे देश-विदेश के विज्ञानी

Sat, 27 Jun 2020 10:37 PM IST
अमर उजाला लोकल ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून

सार

  • वाडिया इंस्टीट्यूट के स्थापना दिवस पर होगा आयोजन
  • अमेरिका से डॉ. मृणाल सेन और वैज्ञानिक कैथरिन जी जैकसन देंगे व्याख्यान 
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- फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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भूकंप के अध्ययन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कैसे होता है? इस सवाल का जवाब मिलेगा वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी के 52वें स्थापना दिवस समारोह में होने वाले अंतर्राष्ट्रीय वैज्ञानिक सेमिनार में। अमेरिका में बसे भूकंप विज्ञानी डॉ. मृणाल सेन इस पर व्याख्यान देंगे। 

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वाडिया के वरिष्ठ वैज्ञानिक डॉ. आरके सहगल के मुताबिक सोमवार को आयोजित होने वाले सेमिनार में अमेरिका के इंस्टिट्यूट ऑफ जियोफिजिक्स के प्रोफेसर डॉ. मृणाल सेन और अमेरिका में टेक्सास स्थित अप्लाइड सीस्मोलॉजी के वैज्ञानिक कैथरिन जी जैकसन ऑनलाइन व्याख्यान देंगे। वैज्ञानिक अब भूकंप के अध्ययन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का इस्तेमाल कर रहे हैं। 

वाडिया इंस्टीट्यूट का इतिहास
वाडिया इंस्टीट्यूट की स्थापना 29 जून 1968 को नई दिल्ली में दो कमरों में की गई थी। तब नाम इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी था। डॉक्टर डीएन वाडिया इंस्टीट्यूट के गवर्निंग बॉडी के पहले चेयरमैन थे। साल 1969 में डॉ. वाडिया की मृत्यु के बाद संस्थान का नाम बदलकर वाडिया इंस्टीट्यूट ऑफ हिमालयन जियोलॉजी कर दिया गया। साथ ही इंस्टिट्यूट को दिल्ली से देहरादून स्थानांतरित किया गया।

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