जिले में सेना ने अपनी भूमि का सीमांकन कराने का प्रस्ताव जिला प्रशासन के समक्ष रखा है। डीएम सोनिका ने सभी एसडीएम व तहसीलदारों को निर्देश देकर कहा कि सेना के अधिकारियों के साथ निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार करें। भौतिक सत्यापन और मौका मुआयना कर सैन्य क्षेत्र का सीमांकन कार्य पूरा किया जाए।
शनिवार को सेना और कैंटोनमेंट क्षेत्र के विकास से जुड़े मुद्दों लेेकर जिला प्रशासन और सेना के अधिकारियों के बीच वार्ता हुई। जिलाधिकारी सोनिका की अध्यक्षता में ऋषिपर्णा सभागार में हुई बैठक में सैन्य अफसरों ने छावनी क्षेत्रों के आसपास सेना की भूमि पर अवैध अतिक्रमण के मुद्दे को उठाया। जिलाधिकारी ने प्रशासनिक अफसरों को निर्देशित कर कहा कि छावनी क्षेत्र के आसपास किए गए अतिक्रमण को चिह्नित कर भूमि को अतिक्रमणमुक्त किया जाए।
इस दौरान सीएसडी डिपो को शहर से शिफ्ट करने तथा सीएसडी डिपो के लिए दूसरी कोई जगह भी तलाशने पर चर्चा हुई। वहीं विलासपुर, काडली, घंघोड़ा में पेयजल लाइन के निर्माण को लेकर विस्तृत चर्चा की गई। जिला प्रशासन और सेना के अफसरों ने सभी मुद्दों का आपसी समन्वय के साथ निस्तारण करने पर सहमति बनाई। कहा गया कि जिन मुद्दों पर निर्णय शासन स्तर पर होना है, उसके लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
इस दौरान कर्नल अनुराग शर्मा, कर्नल एसएस राठौर, कर्नल देवीपाल, कर्नल मैथ्यु थॉमस, कर्नल एम अरुण कार्तिक, डीईओ देहरादून सर्कल विवेक सिंह, ले. कर्नल हरीश सिंह उप जिलाधिकारी सदर नंदन कुमार, नगर मजिस्ट्रेट प्रत्यूष सिंह, एसडीएम विकासनगर विनोद कुमार, सीईओ कैंटोनमेंट बोर्ड से अभिनव सिंह उपस्थित रहे।
Iसेना और छावनी बोर्ड से जुड़े बिंदु शासन स्तर से भेजे गए थे, उन्ही मुद्दों पर सेना के अधिकारियों के साथ बैठक हुई, कई अहम बिंदुओं पर चर्चा की गई है, इस पर अगली बैठक में कोई ठोस निर्णय को लेकर सहमति बनेगी, रिपोर्ट शासन को भेजी जाएगी, अंतिम निर्णय शासन स्तर पर लिया जाएगा। -सोनिका, डीएम, देहरादून।I