पर्वतीय डिपो की कार्यशाला में सफाईकर्मी देने वाली एक एजेंसी के कर्मचारी को अधिकारियों ने मिलीभगत कर विशेष श्रेणी तकनीकी संवर्ग के कर्मचारी के रूप में तैनात कर दिया। जब सात दिन बाद मामला खुला तो अधिकारियों के बीच खलबली मच गई। एसएम ने मामले की जांच के निर्देश दिए हैं। सूत्रों के अनुसार कार्यशाला में एजेंसी के एक कर्मचारी का नाम विशेष श्रेणी कर्मचारी के लिए रजिस्टर में दर्ज कर दिया गया। वह सात दिनों तक काम करता रहा। निगम के कुछ अधिकारियों ने रजिस्टर की औचक जांच की तो उसमें उसका नाम पाया गया। इस संबंध में कार्यशाला के फोरमैन और लिपिक से पूछा गया तो उसने कर्मचारी को सफाईकर्मी देने वाली एजेंसी का बताया। इसमें कार्यशाला के कर्मचारियों और अधिकारियों की मिलीभगत की बात सामने आई है। कर्मचारी को तत्काल हटाया गया है। साथ ही मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। पर्वतीय डिपो के सहायक महाप्रबंधक राकेश कुमार ने बताया कि आदेश मिलने के बाद कर्मचारी को हटा दिया गया है।