समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर करते टीएच्डीसी व सड़क परिवहन राजमार्ग मंत्रालय के अधिकारी।
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टीएचडीसी इंडिया लिमिटेड और सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के बीच मंगलवार को एक समझौता ज्ञापन हस्ताक्षर किया गया। इसके तहत टीएचडीसी अब भूस्खलन संभावित क्षेत्रों के अध्ययन के लिए तकनीकी परामर्शदाता के रूप में तकनीकी सेवाएं प्रदान करेगा। साथ ही टीएचडीसी निर्माणाधीन राष्ट्रीय राजमार्गों जिसमें कैलाश मानसरोवर और चारधाम मार्ग के विस्तार के लिए विभिन्न उपाय सुझाएगा।
विदित है कि टीएचडीसी वैष्णो देवी और अमरनाथ श्राइन बोर्ड को भी परामर्श सेवाएं प्रदान करता आ रहा है। अब टीएचडीसी उत्तराखंड में न केवल परामर्शदाता की भूमिका में रहेगा, बल्कि वह परिवहन मंत्रालय को भूस्खलन क्षेत्रों के अध्ययन के लिए तकनीकी सेवाएं भी प्रदान करेगा। समझौता ज्ञापन के हस्ताक्षर के बाद उत्तराखंड में राष्ट्रीय राजमार्गों पर तीर्थ यात्रियों एवं वाहनों का आवागमन तो सुगम होगा ही, साथ ही भूस्खलन के कारण बार-बार हो रही परेशानी से भी निजात मिलेगी। विदित है कि टीएचडीसी भारत की अग्रणी विद्युत उत्पादन कंपनी है। समझौता ज्ञापन में टीएचडीसी की ओर से महाप्रबंधक डिजाइन अतुल जैन, मुख्य अभियंता वीएस खैरा ने हस्ताक्षर किए।
इस दौरान टीएचडीसी के उप महाप्रबंधक सिविल डिजाइन डॉ. नीरज कुमार अग्रवाल, वरिष्ठ प्रबंधक सिविल डिजाइन कैलाश चंद्र जोशी, प्रबंधक अवकेश कुमार, अमित श्याम गुप्ता प्रबंधक सिविल डिजाइन के साथ ही एनएच से सौरभ सिंह, ईई कपिल सिंह, सहायक कार्यकारी अभियंता अंकित मौजूद रहे।