उत्तराखंड के मुख्यमंत्री के वादे के तहत शिक्षक पात्रता परीक्षा का शुल्क वापस होने का इंतजार कर रहे प्रदेश के युवा ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
प्राविधिक शिक्षा परिषद अनजान
करीब 10 महीने पहले युवाओं के विरोध पर मुख्यमंत्री ने यह घोषणा की थी, लेकिन प्राविधिक शिक्षा परिषद इससे अनजान है।
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टीईटी-2013 प्रथम और द्वितीय के लिए 24 दिसंबर 2012 से 15 जनवरी 2013 तक करीब एक लाख 26 हजार अभ्यर्थियों ने आवेदन किया था।
परीक्षा के लिए युवाओं से 12 रुपए आवेदन शुल्क लिया गया था। इसका विरोध होने पर मुख्यमंत्री ने दो की जगह एक फॉर्म का ही शुल्क लिए जाने की घोषणा की थी।
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साथ ही अधिक लिया गया शुल्क लौटाए जाने का वादा किया था। इस वादे के भरोसे बैठे हजारों युवा अब ठगा सा महसूस कर रहे हैं।
शासनादेश में कहा गया कि अभ्यर्थियों से दो फॉर्म की जगह एक फॉर्म का पैसा लिया जाए, लेकिन अधिक ली गई धनराशि लौटाए जाने के आदेश की मुझे जानकारी नहीं है।
- डीके मलेथा, सचिव, प्राविधिक शिक्षा परिषद
इस मामले में अभ्यर्थी हाईकोर्ट में रिट याचिका दाखिल कर सकते हैं। अभ्यर्थी यदि पत्र लिखकर भी शिकायत करता है तो हाईकोर्ट मामले का संज्ञान ले सकता है। इसके लिए अधिवक्ता की जरूरत नहीं है।
- सुयश कुकरेती, वरिष्ठ अधिवक्ता
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