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IMA पासिंग आउट परेड से पहले पुलिस और खुफिया एजेंसी की उड़ी नींद, सामने आया आतंकी कनेक्शन

Fri, 09 Jun 2017 10:14 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
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मिलिट्री की परेड से पहले दून की न‌ींद उड़ गई है। इसकी वजह जानकर शायद आपकी भी नींद उड़ जाए। दून में एक युवा का आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से कनेक्‍शन पाया गया है। इसके बारे में जो जानकारी सामने आयी है वह चौंकाने वाली है। आगे पढ़‌िए...
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आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से संबंध और हिजबुल कमांडर के जनाजे के दौरान पत्थरबाजी के मामले में वांटेड कश्मीर के हंदवाड़ा क्षेत्र में सेना की 21 राष्ट्रीय रायफल्स के सामने बुधवार को जिस युवक दानिश अहमद ने कश्मीर में आत्मसमर्पण किया वह देहरादून स्थित दून पीजी कालेज ऑफ  एग्रीकल्चर साइंस एंड टेक्नालॉजी में बीएससी तृतीय वर्ष का छात्र है। बकौल दानिश हिज्ब कमांडरों ने उसे उत्तरी कश्मीर के स्थानीय युवाओं को आतंकवाद में शामिल होने की जिम्मेदारी दी थी। 

 पत्थरबाजी का एक वीडियो वायरल होने के बाद आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से संबंध और हिजबुल कमांडर के जनाजे के दौरान पत्थरबाजी के आरोप में सेना और कश्मीर पुलिस दानिश की तलाश कर रहीं थी।
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उसके आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन से संबंध पुष्टि होने से स्थानीय खुफिया एजेंसियों की नींद उड़ गई, क्योंकि दो दिन के बाद इंडियन मिलिट्री एके डमी (आईएमए) की परेड है। दानिश से जुड़े अन्य लोगों की निगरानी बढ़ाए जाने के साथ कई अन्य संदिग्धों को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है।

कुपवाड़ा का रहने वाला दानिश कुछ दिन पहले अचानक लापता हो गया था। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि हाल ही में दक्षिणी कश्मीर के त्राल में हिज्ब कमांडर सब्जार भट के जनाजे का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें पाउच और एक ग्रेनेड लिए युवक देखा गया था।
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युवाओं को आतंकी बनाने की दी थी जिम्मेदारी

सैन्य अकादमी में शनिवार को पीओपी होगी। - फोटो : अमरउजाला
जांच में पाया कि यह युवक दानिश अहमद है जो हंदवाड़ा के कुलगाम गांव का रहने वाला है। वीडियो में पुष्टि होने के बाद सुरक्षा बलों ने परिवार पर दबाव बढ़ाया तो दानिश ने हिंदवाडा और सेना के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। सूत्राें की मानें तो खुफिया एजेंसियों ने दानिश से जुड़े दस्तावेजों को खंगालने के साथ उससे जुडे़ कई लोगाें से बातचीत भी की है।

अभिभावकों ने बेटे को समझाया
वीडियो में दानिश के आतंकियों से संपर्क होने की पुष्टि के बाद हंदवाड़ा पुलिस और सेना की 21 राष्ट्रीय राइफल्स (आरआर) ने दानिश के अभिभावकों से संपर्क कर उन्हें समझाया कि वे अपने बेटे को सरेंडर करने को कहें। उसके अभिभावकों को यह समझाया गया कि अगर वह सरेंडर करता है तो उसके साथ कानून के तहत सही से पेश आया जाएगा। सेना और पुलिस के अधिकारियों की कोशिश के बाद आखिरकार दानिश ने हंदवाड़ा पुलिस और सेना की 21 आरआर के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। हंदवाड़ा पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट की धारा 7/25 के अंतर्गत एफआईआर 133/2017 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।

युवाओं को आतंकी बनाने की दी थी जिम्मेदारी
दानिश को उत्तरी कश्मीर में युवाओं को आतंकी बनाने की जिम्मेदारी दी गई थी। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि पूछताछ में उसने बताया कि वह दक्षिणी कश्मीर के आतंकियों से सोशल मीडिया के जरिये संपर्क में था और उनके द्वारा उकसाए जाने पर वह आतंकी बना। दानिश ने यह भी बताया कि हिज्ब कमांडरों ने उसे उत्तरी कश्मीर के स्थानीय युवाओं को आतंकवाद में शामिल होने की जिम्मेदारी दी थी। उसने कहा कि दक्षिणी कश्मीर में आतंकियों से साथ कुछ समय बिताने के बाद उसे आतंकवाद में शामिल होने की गलती का अहसास हुआ।
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