देशभर के सभी 62 कैंट बोर्डों का कार्यकाल छह महीने और बढ़ा दिया गया है। यह कार्यकाल फरवरी 2021 तक रहेगा। इससे पहले भी कार्यकाल छह माह तक बढ़ाया जा चुका है, जो 10 अगस्त को समाप्त हो रहा था।
देशभर में 58 कैंट बोर्डों का पांच वर्षीय कार्यकाल फरवरी 2020 में खत्म हो गया था। लेकिन रक्षा मंत्रालय कैंट बोर्ड एक्ट 2006 में संशोधन कर रहा है। इसके तहत कैंट बोर्ड में उपाध्यक्ष का चुनाव सीधे कराने के साथ ही प्रतिनिधियों को और अधिकार दिए जाने हैं। एक्ट में संशोधन के कारण रक्षा मंत्रालय ने फरवरी में होने वाले चुनावों को टाल दिया था और कैंट बोर्डों का कार्यकाल छह माह बढ़ाया गया था। यह अवधि दस अगस्त को पूरी हो रही थी।
इस बीच अखिल भारतीय छावनी परिषद निर्वाचित सदन संगठन के महामंत्री भूपेंद्र सिंह कंडारी ने रक्षा मंत्री राजनाथ को पत्र भेजकर कोरोना संकट और एक्ट में संशोधन के पश्चात ही कैट बोर्डों के चुनाव कराने की मांग की थी। साथ ही कार्यकाल छह माह और बढ़ाने की मांग की थी।
अभी तक नहीं हुई बैठक
भूपेंद्र कंडारी ने बताया कि कोरोना के कारण अभी कैंट एक्ट 2006 में संशोधन के लिए पहली बैठक भी नहीं हो पाई है। संशोधन के बिंदुओं पर रक्षा मंत्रालय विचार कर रहा है। अध्ययन के बाद सुझावों को स्वीकृति दी जाएगी। अंत में संशोधित एक्ट को दोनों सदनों में पेश किया जाना है।