रुड़की में कब्रिस्तान की भूमि पर ईदगाह बनाने को लेकर दो पक्षों में चल रहा जुबानी विवाद रविवार को संघर्ष में बदल गया।
इस दौरान दोनों पक्षों में पथराव और फायरिंग हुई। संघर्ष में दो लोग घायल हो गए। मामले की जानकारी पाकर पुलिस अधिकारी फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने बामुश्किल स्थिति पर काबू पाया। तनाव को देखते हुए गांव में पुलिस और पीएसी के जवान तैनात कर दिए गए हैं।
झबरेड़ा थाना क्षेत्र के नगला कुबड़ा गांव में कब्रिस्तान की भूमि पर ईदगाह का निर्माण किया जा रहा है। इसको लेकर ग्राम प्रधान कमर आलम और पूर्व प्रधान शमीम अहमद पक्ष के लोग आमने-सामने आ गए हैं। शनिवार को भी ईदगाह का निर्माण रुकवा दिया गया था।
दोनों पक्षों में निर्माण को लेकर जमकर कहासुनी भी हुई। रविवार को फिर से निर्माण कार्य शुरू किया गया। उसी दौरान एक पक्ष ने वहां पहुंचकर निर्माण रुकवा दिया। इस पर दूसरा पक्ष भड़क गया, लेकिन कुछ लोगों ने मामला शांत कराया और वार्ता से समस्या को सुलझाने की बात कही गई।
इस पर दोनों पक्ष पूर्व प्रधान शमीम अहमद की बैठक पर एकत्रित हो गए। यहां पर कब्रिस्तान की भूमि पर ईदगाह के निर्माण और विरोध को लेकर फिर से दोनों पक्षों में तीखी नोकझोंक शुरू हो गई। देखते ही देखते मामला मारपीट में बदल गया और पथराव शुरू हो गया। फायरिंग भी हुई। संघर्ष में जहांगीर और रिजवान को गंभीर चोटें आई है। अन्य कई ग्रामीण भी मामूली रूप से घायल हुए हैं।
घटना की जानकारी पाकर झबरेड़ा थानाध्यक्ष राकेश गुसांई पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। गांव में तनाव को देखते हुए भगवानपुर, गंगनहर, मंगलौर, बुग्गावाला आदि थानों से पुलिस फोर्स बुलाई गई। पुलिस ने बवाल कर रहे लोगों को मौके से खदेड़ दिया।
इसके साथ ही गांव में तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। झबरेड़ा थानाध्यक्ष राकेश गुसांई ने बताया कि अभी किसी भी पक्ष की ओर तहरीर नहीं आई है। पुलिस अपने स्तर से जांच कर रही है। बवाल करने वालों को चिह्नित किया जा रहा है। उनके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।