विवादित संपत्ति पर किरायेदार को बिजली कनेक्शन का अधिकार है। विद्युत लोकपाल ने दो अहम फैसले सुनाए हैं।
उत्तराखंड के विद्युत लोकपाल ने उपभोक्ताओं और यूपीसीएल से जुड़े दो अलग-अलग मामलों में अहम फैसले सुनाए हैं। एक तरफ किरायेदार के बिजली कनेक्शन के अधिकारों को स्पष्ट किया गया है तो दूसरी तरफ रूफटॉप सोलर पावर प्लांट के रखरखाव की जिम्मेदारी तय की गई है।
हरिद्वार निवासी आशा अग्रवाल की अपील पर सुनवाई करते हुए लोकपाल डीपी गैरोला ने यूपीसीएल को निर्देश दिया है कि वह आवेदक से तीन गुना सुरक्षा राशि लेकर 15 दिनों के भीतर बिजली कनेक्शन जारी करे। यूपीसीएल ने अग्रवाल के नए बिजली कनेक्शन के आवेदन को यह कहते हुए खारिज कर दिया था कि संपत्ति के मालिक (ट्रस्ट) के साथ उनका विवाद सिविल न्यायालय में लंबित है। उनका किराया समझौता भी समाप्त हो चुका है।
रूफटॉप सोलर प्लांट के खराब प्रदर्शन की जवाबदेही यूपीसीएल की नहीं
टिहरी गढ़वाल के सुंदर मणि डबराल की अपील को खारिज करते हुए लोकपाल ने स्पष्ट किया है कि उपभोक्ता के परिसर में लगे रूफटॉप सोलर प्लांट की उत्पादन क्षमता और उसके रखरखाव के लिए यूपीसीएल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। उपभोक्ता ने पत्नी के नाम पर तीन किलोवाट क्षमता का ग्रिड कनेक्टेड रूफटॉप सोलर प्लांट लगाया था।
उपभोक्ता का आरोप था कि फर्म की लापरवाही और खराब आफ्टर-सेल सर्विस के कारण इन्वर्टर खराब रहा और प्लांट मानकों के अनुसार बिजली पैदा नहीं कर सका। इस वजह से उन्हें बिजली का भारी भरकम बिल मिला, जिसे उन्होंने यूपीसीएल से माफ करने या संबंधित फर्म से वसूलने की मांग की थी।