चकराता। चार दिन तक चटक धूप खिले रहने के बाद बृहस्पतिवार को मौसम ने एक बार फिर करवट बदल ली। जौनसार बावर क्षेत्र की ऊंची चोटियों पर झमाझम बारिश और ओलावृष्टि हुई। इससे सड़क बर्फ की तरह पूरी तरह से सफेद हो गई। बारिश और ओलावृष्टि से पारा खासा लुढ़क गया।
बृहस्पतिवार को चकराता का अधिकतम तापमान 9 और न्यूनतम तीन डिग्री रहा। विकासनगर का तापमान 21 डिग्री और न्यूनतम 13 डिग्री रहा। बृहस्पतिवार को दिन की शुरुआत झमाझम बारिश के साथ हुई। सुबह करीब पांच से छह बजे तक बारिश हुई। इसके बाद दिनभर आसमान में काले बादल छाए रहे। शाम पांच बजे एक बार फिर से जौनसार बावर की ऊंची चोटियों पर बारिश और ओलावृष्टि का दौर शुरू हो गया। क्षेत्र में करीब पांच मिनट तक ओलावृष्टि होती रही। इससे सड़क पर बर्फ की सफेद चादर सी बिछ गई। लोग घरों और होटलों में दुबके रहे। मैदानी इलाकों में भी सुबह बारिश के बाद दिनभर आसमान में बादल छाए रहे।
ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान
चकराता। पर्वतीय अंचलों पर हुई ओलावृष्टि से फसलों को खासा नुकसान पहुंचा है। इससे काश्तकारों के माथे पर चिंता की लकीरें पड़ गई हैं। एक सप्ताह में यह दूसरी बार है जब पहाड़ी इलाकों में ओलावृष्टि हुई है। बृहस्पतिवार को मौसम के बदले मिजाज के बीच चकराता छावनी बाजार समेत मगरोली, मोहना, सावरा, सुजऊ, होडा, छुटऊ, पुरोड़ी, ठाणा, मागटी, मेपावटा, मयरावना, पाटी, बुरास्वा, जाड़ी, लोहारी, मुंगाड़ समेत 24 गांव में करीब पांच मिनट तक ओलावृष्टि हुई। इससे मटर, बीन, टमाटर, आड़ू, पुलम, खुमानी, नाशपाती की फसल को नुकसान पहुंचा है।