औपबंधिक शिक्षकों को बड़ा झटका
शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने भी हाल ही में शिक्षा मित्रों को नियमित को लेकर हिमाचल प्रदेश के मामलों का परीक्षण कराने के निर्देेेश दिए थे, लेकिन शासन ने बिना टीईटी के उन्हें नियमित करने से मना कर दिया। इससे 1200 से अधिक शिक्षा मित्रों और औपबंधिक शिक्षकों को बड़ा झटका लगा है।
अपर शिक्षा सचिव मेजर योगेंद्र यादव की ओर से शिक्षा निदेशक बेसिक शिक्षा को जारी निर्देश में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट के 2020 के आदेश में उत्तराखंड सरकार पक्षकार नहीं थी। ऐसी स्थिति में सुप्रीम कोर्ट का आदेश उत्तराखंड राज्य के संबंध में नियमानुसार लागू नहीं होता है। न ही इसे लागू किया जाना बाध्यकारी है।
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शिक्षा मित्र और औपबंधिक सहायक अध्यापक प्रदेश के दुर्गम और अति दुर्गम स्कूलों में 2001 से बच्चों को पढ़ा रहे हैं। वर्ष 2015 से उन्हें पूरा वेतन मिल रहा है। हिमाचल की तरह टीईटी से मुक्त कर उन्हें नियमित किए जाने से सरकार पर किसी तरह का वित्तीय भार नहीं पड़ेगा। हमें इस मामले में सरकार का आश्वासन मिला, लेकिन अभी तक नियमित नहीं किया गया।
-ललित द्विवेदी, प्रदेश अध्यक्ष, उत्तराखंड समायोजित प्राथमिक शिक्षक संघ