चिकित्सा शिक्षा महानिदेशक डॉ. आशीष कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि राज्य में चिकित्सा शिक्षा विभाग दिन-प्रतिदिन चिकित्सा पद्धति के क्षेत्र में नए आयाम छू रहा है। जिससे मरीजों को उत्तराखंड में ही उच्चस्तरीय चिकित्सा सुविधाए प्राप्त हो रही हैं।
राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल में नई ऑपरेशन/ इमरजेंसी बिल्डिंग में सर्जरी विभाग की ओर से शनिवार को दो दिवसीय राष्ट्रीय शल्य चिकित्सा सजीव कार्यशाला के उद्घाटन पर उन्होंने यह बात कही। कार्यशाला में देशभर के दूरबीन सर्जरी से संबंधित विशेषज्ञ चिकित्सकों ने चिकित्सकीय पद्धति के तहत लेपरोस्कोपिक सर्जरी विषयों पर सजीव शल्य चिकित्सा करने के साथ ही व्याख्यान भी दिया। देशभर से आए मरीजों की विशेषज्ञ सर्जन की ओर से सर्जरी की गई। जिनमें डॉ. जुगेंद्रा सोरोखाईबम ने हर्निया, सीबीडी लैपरोस्कोपिक सर्जरी व टोटल लेप्रोस्कोपिक हिस्टेरेक्टमी सर्जरी की। डॉ. निखिल सिंह ने कोलेसिस्टेकटॉमी सर्जरी, डॉ. पी. सूर्यवंशी ने किडनी की बीमारी से संबंधित मरीज की नेफ्रेक्टोमी सर्जरी एवं लेपरोस्कोपिक अपेंडेक्टॉमी सर्जरी की। डॉ. तमोनास चौधरी ने हर्निया व कोलेसिस्टेकटॉमी सर्जरी की।
कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आशुतोष सयाना ने कहा कि वर्तमान में दून अस्पताल में निरंतर रूप से नवीन चिकित्सा सुविधाओं को उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके साथ ही ट्रामा सेंटर लाइफ स्टाइल क्लीनिक आदि नवीनतम चिकित्सा सुविधाएं भी जल्द शुरू होने वाली हैं। स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. शैलजा भट्ट ने कहा कि स्वास्थ्य और चिकित्सा शिक्षा में आपसी समन्वय से संबंधित कार्यों का निर्वहन करने में सुविधा होती है।
इंटर्न की ओर से पोस्टर और एमबीबीएस छात्र-छात्राओं ने रंगोली प्रस्तुत की। इस अवसर पर सीएमओ डॉ. मनोज उप्रेती, संयुक्त निदेशक डॉ. एमके पंत, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. केसी पंत, उप चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एनएस खत्री, डॉ. मोहित गोयल, डॉ. जेपी शर्मा, डॉ. देश दीपक, डॉ. चित्रा जोशी, डॉ. अनिल जोशी, डॉ. अभय कुमार, डॉ. प्रदीप चन्द्र शर्मा, डॉ. सुशील ओझा, महेंद्र भंडारी, दीपक राणा आदि उपस्थित रहे।