टिहरी महोत्सव की तैयारी में सरकार जोर-शोर से जुट गई है। पहली बार ये इंतजाम किया जा रहा है कि टिहरी महोत्सव के लिए जुटने वाले पर्यटक झील क्षेत्र में ही रुक पाएं।
कम से कम 500 लोगों के रहने की व्यवस्था बनाई जा रही है। इसके लिए पूरी टैंट कालोनी बसाने का सरकार का इरादा है। टिहरी महोत्सव 25 मई से होने जा रहा है। इस तीन दिनी आयोजन को सरकार इस बार एकदम अलग अंदाज में करने जा रही है। इससे पहले हुए टिहरी महोत्सव को विभिन्न क्षेत्रों में आयोजित किया जाता रहा है।
टिहरी झील के अलावा नगर पालिका क्षेत्र, बौराड़ी स्टेडियम आदि जगहों पर इस महोत्सव की गतिविधियां आयोजित की जाती रही हैं। इस बार सारी गतिविधियां झील क्षेत्र में होने जा रही हैं। मंशा है कि टिहरी झील के प्रमोशन के लिए ये महोत्सव किया जा रहा है और पर्यटक उसी के इर्द-गिर्द केंद्रित रहें। पर्यटन सचिव दिलीप जावलकर के अनुसार, टिहरी झील क्षेत्र के आस-पास रहने की क्षमता को विकसित किया जा रहा है। करीब 500 लोगों के रात-दिन वहां रहने के लिए इंतजाम किए जा रहे हैं।
इधर, पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज का कहना है कि गर्मियों की छुुट्टियों में पधारो टिहरी की थीम को लेकर आगे बढ़ा जा रहा है। इस आयोजन में केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय से भी पूरा सहयोग मिल रहा है। विभिन्न राज्यों से सांस्कृतिक दलों को महोत्सव में प्रतिभाग करने हेतु आमंत्रित किया जा रहा है। उत्तर भारत के सभी राज्यों में होर्डिंग्स लगाए जा रहे हैं, ताकि अधिक से अधिक संख्या में पर्यटक टिहरी पहुंच सके।