नई टिहरी के जाखणीधार ब्लॉक के रिंडोल गांव की प्रीति (32) को प्रताड़ित करने के आरोप में पुलिस ने उसकी सास सुभद्रा देवी और ननद जया जगूड़ी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। ससुर की गिरफ्तारी करने के लिए एसएसपी ने पुलिस टीम का गठन किया है। प्रीति का देहरादून स्थित कोरोनेशन अस्पताल में इलाज चल रहा है।
प्रीति के तीन मासूम बच्चे अब अपने ननिहाल में मामा जितेंद्र रतूड़ी की देखरेख में हैं। परिवार की माली हालत के कारण उनकी परवरिश करना भी चुनौती बना हुआ है। रिंडोल गांव निवासी सरस्वती देवी ने अपनी बेटी प्रीति की सास, ननद और ससुर पर दहेज उत्पीड़न का आरोप लगाते हुए मंगलवार को नई टिहरी कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया है।
पुलिस ने मंगलवार को ही मामले में विकासनगर के जीवनगढ़ से प्रीति की सास और ननद को गिरफ्तार कर लिया था। न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है।
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ससुर आईटीबीपी में तैनात होने के कारण उसकी गिरफ्तारी नहीं हो पाई है। एसएसपी नवनीत सिंह ने बताया कि सुरेंद्र दत्त की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम का गठन किया गया है। जल्द ही गिरफ्तारी कर ली जाएगी।
रिंडोल गांव के प्रधान मनोज रतूड़ी ने बताया कि मंगलवार शाम को वे और गांव के अन्य लोग प्रीति के तीनों बच्चों आशुतोष (9), सृष्टि (8) और सूरज (4) को अपने साथ गांव ले आए। तीनों बच्चे मां के साथ हुए घटनाक्रम से आहत हैं। वह कुछ बोल नहीं पा रहे हैं। उसके साथ मां सरस्वती देवी है। ढालवाला पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने बताया कि डॉक्टरों ने एक सप्ताह तक प्रीति को देखरेख में रखने को कहा है।
इधर, ननिहाल पहुंचे प्रीति के तीनों बच्चों की जिम्मेदारी मामा जितेंद्र पर आ गई है। जितेंद्र ऋषिकेश में किसी होटल में काम करता है। उसके पिता चिरंजी लाल रतूड़ी गंभीर बीमार है। ऐसे में तीन बच्चों सहित परिवार के जिम्मेदारी जितेंद्र के कंधों पर है। प्रधान मनोज ने बताया कि फिलहाल पालिकाध्यक्ष रोशन रतूड़ी ने 10 हजार और अन्य ग्रामीणों ने पांच हजार एकत्र कर पीड़ित परिवार को दिलाया है।