सेना भर्ती रैली में अब तक के तीन जिलों में से टिहरी के युवाओं का प्रदर्शन सबसे खराब रहा। सबसे ज्यादा युवा टिहरी जनपद से शामिल हुए, लेकिन अगले दौर में बहुत कम पहुंचे। पहले तो लंबाई कम होने से सैकड़ों युवा बाहर हो गए।
इसके बाद जब दौड़ में मैदान के चार चक्करों में से एक ही चक्कर में युवा हांफने लग गए। युवाओं की इस स्थिति को देखकर सेना के अधिकारी भी हैरान थे।
3758 में 394 ही पहुंचे अगले दौर में
सोमवार को टिहरी जिले की भर्ती सुबह निर्धारित समय पर शुरू हुई। रात को ही अभ्यर्थियों की काफी संख्या बाजार में दिख रही थी। भीड़ देखकर आर्मी अधिकारी भी अनुमान लगा रहे थे कि यहां से बड़ी संख्या में युवा चयनित हो जाएंगे।
टिहरी जिले से कुल 3758 युवा भर्ती में शामिल होने पहुंचे। 575 प्राथमिक ऊंचाई नाप में ही बाहर हो गए। 3183 ने दौड़ में हिस्सा लिया। मात्र 394 अभ्यर्थी ही दौड़ क्वालिफाई कर सके।
टाफी की जगह गुटखे
भर्ती प्रक्रिया में पूरा दिन लगने पर अक्सर अभ्यर्थी कोई टाफी या एसी चीज अपने पास रखते हैं जिससे मुंह सूखने पर उसको खाया जा सके। लेकिन सोमवार को दौड़ से पहले जहां पर अभ्यर्थियों को बिठाया गया था वहां टाफी के बजाय गुटखे के पाउच अधिक मिले।
कर्नल ने भी की बात
बड़ी संख्या में आने के बावजूद शारीरिक दक्षता परीक्षा को पार नहीं करने पर कर्नल बीएमएस तलवार ने कई युवाओं को बिठाकर उनसे अलग से बात भी की। शारीरिक रूप से मजबूत होने के लिए उन्हें प्रेरित किया। कर्नल तलवार का कहना है कि टिहरी जिले ने उम्मीद से काफी कम प्रदर्शन किया है।